नई दिल्ली में मंगलवार (26 मई) को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में क्वाड स्ट्रक्चर के तहत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
क्वाड (Quad) क्या है?
क्वाड (Quad) भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका का एक समूह है, जो यह तय करता है कि वैश्विक हितों के लिए समुद्री रास्तों पर शांति, व्यापार और आपसी तालमेल बना रहे. क्वाड की शुरुआत वर्ष 2004 में हिंद महासागर क्षेत्र में आई सुनामी के दौरान हुई, जब चारों देशों ने प्रभावित देशों को राहत और मदद पहुंचाने के लिए आपसी तालमेल के लिए स्थापित किया.
क्वाड अधिकारियों की पहली बैठक मई 2007 में फिलीपींस में आयोजित एशियन रीजनल फोरम के दौरान हुई. इसके बाद 10 वर्षों के अंतराल पर नवंबर 2017 में मनीला में ईस्ट एशिया समिट में क्वाड अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, मुक्त एवं खुले इंडो-पैसिफिक के साझा सिद्धांतों पर चर्चा की गई.
क्वाड का क्या है एजेंडा?
क्वाड ने तमाम चुनौतियों पर केंद्रित एक सकारात्मक और व्यावहारिक एजेंडा अपनाया है, जिसमें शामिल हैं-
– स्वास्थ्य सुरक्षा
– जलवायु परिवर्तन
– महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां
– अवसंरचना और ऋण स्थिरता
– साइबर सुरक्षा
– मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR)
– क्षेत्रीय देशों की समुद्री जागरूकता (Maritime Domain Awareness) को मजबूत करना
– फ्री और मुक्त इंडो पैसिफिक
क्वाड देशों के नेता, विदेश मंत्री, शेरपा, सीनियर अधिकारी और एक्सपर्ट नियमित रूप से बातचीत करते हैं.
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठकें (QFMM) कब कब हुई ?
– 26 सितंबर 2019 – न्यूयॉर्क (संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान)
– 6 अक्टूबर 2020 – टोक्यो
– 18 फरवरी 2021 – वर्चुअल बैठक
– 11 फरवरी 2022 – मेलबर्न
– 3 मार्च 2023 – नई दिल्ली
– 22 सितंबर 2023 – न्यूयॉर्क (यूएनजीए के दौरान)
न्यूयॉर्क में हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), आतंकवाद-रोधी सहयोग और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी दोनों वर्गों के विस्तार सहित व्यापक संयुक्त राष्ट्र सुधारों के प्रति जिम्मेदारी दोहराई गई.
क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन कब कब हुए ?
पहला शिखर सम्मेलन – 12 मार्च 2021 (वर्चुअल)
साल 2021 में क्वाड को पहली बार नेताओं के स्तर तक उन्नत किया गया. इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेताओं ने इंडो-पैसिफिक सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.
3 कार्य समूह बनाए गए-
– वैक्सीन साझेदारी
– जलवायु परिवर्तन
– महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकी
दूसरा शिखर सम्मेलन – 24 सितंबर 2021, वॉशिंगटन डीसी
यह पहला प्रत्यक्ष (इन-पर्सन) शिखर सम्मेलन था.
नए कार्य समूह गठित किए गए:
– अवसंरचना (Infrastructure)
– अंतरिक्ष (Space)
– साइबर (Cyber)
साथ ही अमेरिकी विश्वविद्यालयों में STEM विषयों के लिए 100 छात्रवृत्तियों (प्रत्येक देश से 25) की घोषणा की गई.
तीसरा शिखर सम्मेलन – 3 मार्च 2022 (वर्चुअल)
यूक्रेन संकट और उसके इंडो-पैसिफिक पर प्रभाव पर चर्चा की गई। साथ ही HADR (मानवीय सहायता एवं आपदा राहत) साझेदारी शुरू की गई.
चौथा शिखर सम्मेलन – 24 मई 2022, जापान
इस दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं:
– क्वाड सैटेलाइट डेटा पोर्टल Quad Satellite Data Portal
– Q-CHAMP ( क्वाड क्लाइमेट चेंच एडेप्टेशन एंड मिटिगेशन पैकेज)
– क्वाड डेब्ट मैनेजमेंट रिसोर्स पोर्टल
– क्वाड पार्टनरशिप ऑन HADR (भारत की अगुवाई वाली पहल)
पांचवां शिखर सम्मेलन – 20 मई 2023, हिरोशिमा (जापान)
इस सम्मेलन में साझा बयान के अलावा ‘क्वाड लीडर्स’ विजन स्टेटमेंट – इन्ड्योरिंग पार्टनर्स फॉर द इंडो-पैसिफिक’ जारी किया गया.
इसमें संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों पर आधारित फ्री, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक की परिकल्पना पेश की गई.
क्वाड के 6 प्रमुख कार्य समूह-
जलवायु (Climate)
क्वाड देश जलवायु परिवर्तन से निपटने और इंडो-पैसिफिक देशों की सहायता के लिए सहयोग कर रहे हैं.
मुख्य क्षेत्र-
– स्वच्छ हाइड्रोजन (Clean Hydrogen)
– हरित नौवहन (Green Shipping)
– जलवायु वित्त
– टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
– आपदा जोखिम प्रबंधन (Disaster Risk Management)
– प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System)
2023 में क्लीन एनर्जी सप्लाई चेन इनिशिएटिव की घोषणा की गई.
महत्वपूर्ण और उभरती टेक्नोलॉजी
मुख्य मकसद:
– सप्लाई चेन की मजबूती
– डिजिटल कनेक्टिविटी
– 5G और उन्नत दूरसंचार तकनीक (Advanced Telecommunications)
2023 में पलाऊ में Open RAN पायलट परियोजना, Quad Investors’ Network (QUIN), प्रौद्योगिकी मानकों पर साझा सिद्धांत की शुरुआत की गई.
साइबर सुरक्षा-
– सुरक्षित साइबर स्पेस
– महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा (Critical Infrastructure Security)
– साइबर जागरूकता और क्षमता निर्माण
2023 में ‘सिक्योर सॉफ्टवेयर प्रिंसिपल, साइबर सिक्योरिटी ऑफ क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रिंसिपल’ जारी किए गए.
हेल्थ सिक्योरिटी पार्टनरशिप
Quad Vaccine Partnership को विस्तारित कर हेल्थ सिक्योरिटी पार्टनरशिप बनाया गया.
क्या मकसद?
– क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत करना
– टीके, दवाइयां और स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराना
– भविष्य की महामारियों के लिए तैयारी
अवसंरचना (Infrastructure)
क्वाड का लक्ष्य है-
– गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ अवसंरचना का विकास
– तकनीकी सहायता
– क्षमता निर्माण
– जलवायु-लचीली परियोजनाएं
2023 में ‘क्वाड इंफ्रास्ट्रक्चर फेलोशिप प्रोग्राम और क्वाड पार्टनरशिप फॉर केबल कनेक्टिविटी’ की घोषणा की गई.
अंतरिक्ष (Space)
मुख्य काम
– पृथ्वी अवलोकन उपग्रह डेटा साझा करना ( Sharing Earth observation satellite data)
– जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी (Monitoring climate change and natural disasters)
– समुद्री संसाधनों का बेहतर प्रबंधन (Better management of marine resources)
– शांतिपूर्ण और सुरक्षित अंतरिक्ष उपयोग को बढ़ावा देना (Promoting Peaceful and Safe Space Use)
आतंकवाद-रोधी सहयोग
क्वाड ने सभी तरह के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की निंदा की है. क्वाड नेताओं ने 2008 मुंबई हमला, 2016 पठानकोट हमले की भी कड़ी निंदा की है. साथ ही FATF मानकों के अनुरूप आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ वैश्विक सहयोग पर जोर दिया गया है.
भारत की भूमिका क्या है?
भारत क्वाड का एक प्रमुख सदस्य है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था, समुद्री सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आपदा राहत, तकनीकी सहयोग तथा आतंकवाद-रोधी प्रयासों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
भारत के प्रस्तावित Quad Partnership on HADR को क्वाड की प्रमुख पहलों में शामिल किया गया है. इस साल क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित होने की उम्मीद जताई जा रही है.
‘तुरंत अमेरिका को सौंपो या वहीं तबाह करो’, डील से पहले न्यूक्लियर डस्ट पर ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम






