गमले में कैसे उगाएं ग्वार फली? जान लें इसका सही तरीका

गमले में कैसे उगाएं ग्वार फली? जान लें इसका सही तरीका


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  • समय पर पानी, खाद देंगे तो कुछ दिनों में ताजी फलियां तैयार.

आजकल लोग अपनी सेहत और हेल्दी खानपान को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं. जिसके चलते घरों की छतों और बालकनी में ताजी हरी सब्जियां उगाने का चलन खूब बढ़ चुका है. अब बहुत से लोग बाजार के केमिकल वाले खाने से बचकर खुद की उगाई शुद्ध सब्जियां खाना पसंद कर रहे हैं. अगर आप भी अपने टेरेस गार्डन में ऐसी सब्जी लगाना चाहते हैं जो कम जगह, कम पानी और बिना किसी तामझाम के उग जाए तो ग्वार फली यानी क्लस्टर बीन्स सबसे बढ़िया ऑप्शन है. 

फाइबर और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर ग्वार फली खाने में जितनी टेस्टी होती है. उतनी ही सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. कई लोग सोचते हैं कि फलीदार फसलों को उगाने के लिए बड़े खेतों की जरूरत पड़ती है. जबकि हकीकत यह है कि सही साइज के एक सिंगल कंटेनर में भी आप हफ्ते भर की फलियां बड़े आराम से तोड़ सकते हैं. जान लीजिए घर पर कैसे उगाई जा सकती हैं ग्वार की फली.

ऐसे करें उगाने की शुरुआत

ग्वार फली की जड़ें सीधी थोड़ी गहराई तक फैलती हैं. इसलिए इसके लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा बड़ा गमला सबसे सही रहता है. गमले में ड्रेनेज होल यानी पानी निकलने का छेद होना बेहद जरूरी है जिससे पानी ठहरकर जड़ों को न सड़ाए. मिट्टी तैयार करने के लिए 50 प्रतिशत नॉर्मल गार्डन सॉइल, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट मिलाकर एक बैलेंस मिक्चर बनाएं. इस मिश्रण से मिट्टी हल्की भुरभुरी बनी रहती है.

जिससे जड़ों में हवा का संचार बहुत अच्छा होता है. मिट्टी में एक मुट्ठी नीम खली जरूर मिला दें जिससे फंगस और दीमक का खतरा पहले ही खत्म हो जाए. गमले को तैयार मिट्टी से भरते समय ऊपर से दो इंच की जगह खाली छोड़ दें जिससे पानी-खाद देने में आसानी रहे. सही जल निकासी होने से पौधे की बढ़वार बिना किसी रुकावट के लगातार तेज रफ्तार पकड़ती है और तना भी काफी मजबूत बना रहता है.

बीज बोने का सही तरीका 

ग्वार फली के लिए हमेशा किसी भरोसेमंद नर्सरी से अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड बीज ही खरीदें. बीजों को लगाने से पहले 4 से 6 घंटे के लिए हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें. इससे अंकुरण काफी तेजी से होता है. गमले की मिट्टी में करीब आधा से एक इंच गहरा गड्ढा बनाकर बीज डालें और ऊपर से हल्की मिट्टी की परत चढ़ा दें. एक 14 इंच के गमले में 2 से 3 बीज लगाना काफी रहता है. 

बुवाई के बाद स्प्रे बोतल से हल्का पानी छिड़कें जिससे मिट्टी नम बनी रहे. ग्वार फली मूल रूप से धूप पसंद करने वाला पौधा है, इसलिए इसे दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलना जरूरी है. बालकनी के उस कोने में गमला रखें जहाँ सुबह से दोपहर तक अच्छी धूप आती हो. पर्याप्त धूप मिलने पर पौधे का विकास बहुत तेज होता है और शाखाएं भी चारों तरफ खूब घनी फैलती हैं.

गमले में कैसे उगाएं ग्वार फली? जान लें इसका सही तरीका

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इन बातों का रखें ध्यान

ग्वार फली को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत बिल्कुल नहीं होती. जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी दिखे तभी हल्का पानी डालें ज्यादा गीली मिट्टी से पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं. पौधा जब एक महीने का हो जाए. तो हर 15 से 20 दिन में दो मुट्ठी वर्मीकंपोस्ट डालते रहें. कीड़ों से बचाव के लिए महीने में एक बार नीम के तेल का स्प्रे करना काफी रहता है. 

बुवाई के करीब 50 से 60 दिन के भीतर पौधे पर फूल आने लगते हैं और देखते ही देखते फलियां गुच्छों में लद जाती हैं. जब फलियां हरी और ताजी हों तभी कैंची से उनकी तुड़ाई कर लें. ज्यादा दिन छोड़ने पर वे टाइट हो जाती हैं. लगातार तुड़ाई करते रहने से पौधे में नई शाखाएं और फलियां लगातार बनती रहती हैं.

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