डेयरी फार्मिंग के लिए बेस्ट है यह देसी गाय, विदेशी नस्ल भी इसके आगे फेल

डेयरी फार्मिंग के लिए बेस्ट है यह देसी गाय, विदेशी नस्ल भी इसके आगे फेल


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  • डेयरी व्यवसाय के लिए गिर गाय एक बेहतर विकल्प है.
  • यह प्रतिदिन 15-25 लीटर A2 दूध देती, कम रखरखाव.
  • इसके A2 दूध, घी से डेयरी व्यवसाय में अधिक कमाई.

अगर आप डेयरी बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं. तो यह खबर आपके लिए बहुत ज्यादा खास है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर डेयरी से अच्छी कमाई करनी है. तो कौन सी गाय पालनी चाहिए. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जर्सी या होल्सटीन फ्रीजियन जैसी विदेशी नस्लें ही सबसे ज्यादा दूध देती हैं. इसलिए ज्यादातर पुशपालक उन्हें ही खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश की एक ऐसी देसी गाय भी है.

जिसके आगे विदेशी नस्लें भी पूरी तरह फेल साबित होती हैं. बात कर रहे हैं गिर गाय की जो आज के समय में डेयरी बिजनेस कर रहे पशुपालकों की पहली पसंद बनती जा रही है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम खर्चे में शानदार दूध देती है और इसका दूध सेहत के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है. अगर आप डेयरी सेक्टर में मोटा मुनाफा कमाना चाहते हैं. तो यह देसी गाय आपके लिए एकदम बेस्ट ऑप्शन है.

शरीर से ऐसे पहचान सकते हैं

भारत की गिर गाय दूसरी नस्लों से काफी अलग मानी जाती है. गिर गाय मूल रूप से गुजरात के गिर जंगलों और काठियावाड़ इलाके से ताल्लुक रखती है. लेकिन आज पूरे देश में इसकी डिमांड आसमान छू रही है. इस गाय की  पहचान की बाक इसका उठा हुआ माथा लंबे लटके हुए कान और शरीर पर लाल-सफेद या फिर चित्तीदार चकत्ते होते हैं. दिखने में यह बेहद खूबसूरत और शांत स्वभाव की होती है. जिसे पालना बहुत आसान होता है. 

गिर गाय की दूध देने की क्षमता काफी अच्छी

अगर दूध देने की क्षमता की बात करें तो अच्छी नस्ल की गिर गाय एक दिन में पंद्रह से पच्चीस लीटर तक दूध आसानी से दे देती है. विदेशी गायों के मुकाबले इसका दूध बहुत ही गाढ़ा, स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है, जिसमें ए-टू प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. बाजार में इसके दूध और उससे बने उत्पादों की कीमत भी आम दूध से काफी ज्यादा मिलती है जिससे किसानों की कमाई में काफी उछाल देखने को मिलता है.

बीमारियों से लड़ने की ताकत और कम रखरखाव का खर्च

डेयरी फार्मिंग में सबसे बड़ी परेशानी तब होती है जब मवेशी बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं और डॉक्टरों की फीस के साथ दवाइयों में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ जाएं. यहीं पर देसी गिर गाय विदेशी नस्लों को पीछे छोड़ देती है. क्योंकि इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी गजब की होती है. भारत के मौसम के हिसाब से यह गाय खुद को बहुत आसानी से ढाल लेती है. 

चाहे कड़ाके की ठंड हो या चिलचिलाती गर्मी. इसे पालने के लिए आपको किसी महंगे और एसी वाले शेड की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा खाने-पीने के मामले में भी सूखा चारा, हरा चारा या घर का बचा हुआ दाना-भूसा खाकर भी यह अपनी सेहत और दूध का प्रोडक्शन मेंटेन रखती है. जब दवाइयों और महंगे खानपान का खर्च बच जाता है तो यह पैसे मुनाफे में जाते हैं.

डेयरी फार्मिंग के लिए बेस्ट है यह देसी गाय, विदेशी नस्ल भी इसके आगे फेल

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डेयरी बिजनेस में तगड़ी कमाई देगी

अब बात करते हैं कि अगर आप गिर गाय के जरिए डेयरी फार्मिंग शुरू करते हैं. तो आप किस तरह से कमाई कर सकते हैं. आज के समय में शुद्ध देसी गाय के दूध और घी की डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा बढ़ गई है और लोग इसके लिए दोगुनी कीमत चुकाने को भी तैयार रहते हैं. आप अपने डेयरी फार्म पर गिर गाय पालकर इसका शुद्ध ए-टू दूध सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं या फिर लोकल मार्केट में बेच सकते हैं. 

इसके अलावा इस दूध से बना पारंपरिक घी बाजार में बहुत महंगे दामों पर बिकता है. जिससे आपका बिजनेस और तेजी से आगे बढ़ता है. सरकार भी देसी नस्लों के संवर्द्धन के लिए कई तरह की सब्सिडी और योजनाएं चला रही है. जिसका फायदा उठाकर आप अपने बिजनेस को बड़े लेवल पर ले जा सकते हैं. 

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