Tula Rashifal Today: 5 अक्टूबर 2026, सोमवार के दिन संपूर्ण दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि (दशमी श्राद्ध) रहेगी. सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार, आज रात्रि 11:09 तक पुष्य नक्षत्र रहेगा, जिसके उपरांत आश्लेषा नक्षत्र आरंभ होगा. आज ग्रहों के विशेष गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग, शिव योग, लक्ष्मी योग, गजकेसरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और आपकी राशि तुला होने के कारण केंद्रस्थ शुक्र के प्रभाव से बनने वाले मालव्य योग का विशेष शुभ प्रभाव प्राप्त होगा.
चंद्रमा आज संपूर्ण दिन कर्क राशि में, यानी आपकी राशि से 10वें भाव (दशम भाव यानी कर्म, प्रतिष्ठा, यश, व्यापारिक विस्तार, पदोन्नति व सफलता स्थान) में संचरण करेंगे. दशम भाव में चंद्रमा के संचरण के प्रभाव से आज आप जिस भी कार्य को हाथ में लेंगे, उसमें पूर्ण समर्पण के साथ शानदार सफलता हासिल करेंगे. शुभ कार्यों के लिए आज दो श्रेष्ठ समय हैं, सुबह 10:15 से 11:15 बजे तक शुभ का चौघड़िया एवं दोपहर 04:00 से 06:00 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पूर्व दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ फलदायी रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business & Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन तुला राशि के कारोबारियों के लिए प्रतीक्षित शुभ सूचना, दोपहर बाद बड़े ऑर्डर्स और क्वालिटी सुधारने का रहेगा.
बहुप्रतीक्षित शुभ सूचना से हर्ष: कारोबार से जुड़ी कोई लंबे समय से प्रतीक्षित शुभ खबर या डील फाइनल होने की सूचना मिलने से आपका मन प्रफुल्लित और उत्साह से भर जाएगा.
काम की क्वालिटी व दोपहर बाद बड़े ऑर्डर: अपने उत्पादों और सेवाओं की क्वालिटी (गुणवत्ता) को और अधिक बेहतर बनाने पर ध्यान दें; दोपहर बाद किसी प्रतिष्ठित क्लाइंट या बड़ी फर्म से महत्वपूर्ण व्यावसायिक ऑर्डर मिलने की प्रबल संभावना बन रही है.
सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता: किसी सामाजिक या व्यावसायिक सम्मेलन/कार्यक्रम में जाने के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रखें; वहां नए संपर्कों से व्यापारिक लाभ होगा.
करियर और जॉब राशिफल (Career & Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन शिव, लक्ष्मी, गजकेसरी और सर्वार्थसिद्धि योग के प्रभाव से आत्मविश्वास में वृद्धि, विशेष सम्मान और उत्कृष्ट परिणामों का रहेगा.
शुभ योगों से बढ़ा आत्मविश्वास: शिव, लक्ष्मी, गजकेसरी और सर्वार्थसिद्धि योग के संयुक्त प्रभाव से वर्कस्पेस पर आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर रहेगा; यह मनोबल आपके कार्यों को तय समय से पूर्व ही उत्कृष्टता से पूरा करने में आपको सबसे आगे रखेगा.
दिन की शुरुआत में उत्कृष्ट परिणाम: एंप्लॉयड पर्सन के लिए दिन की शुरुआत मनचाही सफलता और शानदार परिणाम लेकर आने वाली साबित होगी.
प्रोजेक्ट के लिए सम्मान व सीनियर्स की कृपा: ऑफिस में उच्चाधिकारियों व सीनियर्स की पूरी कृपा और मार्गदर्शन आप पर बना रहेगा; आपके किसी विशेष प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन के लिए प्रबंधन द्वारा आपको औपचारिक रूप से सम्मानित भी किया जा सकता है.
कोवर्कर्स का मजबूत साथ: किसी जटिल प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए सहकर्मियों (Co-workers) का पूरा सहयोग और तालमेल मिलेगा.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love & Family)
पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिहाज से दशम चंद्रमा भाई की सलाह पर अमल करने और प्रेम संबंधों को परिणय सूत्र में बांधने का संकेत दे रहा है.
भाई की सलाह पर जरूर करें विचार: परिवार में अपने भाई द्वारा दी गई किसी महत्वपूर्ण सलाह या सुझाव पर गंभीरता से विचार करें; यह निर्णय आपके व्यक्तिगत और वित्तीय जीवन में लाभकारी साबित होगा.
रिश्ते को अंतिम रूप देने का समय: जो जातक प्रेम संबंधों में हैं, वे अपने रिश्ते को विवाह या सगाई के रूप में अंतिम रूप देने का फैसला कर सकते हैं; परिवार का सकारात्मक समर्थन मिलेगा.
शिक्षा, आर्ट्स, स्पोर्ट्स और स्वास्थ्य (Education, Students & Health)
विद्यार्थियों, कलाकारों और खिलाड़ियों (Students, Artists & Sports Persons) के लिए आज का दिन अपनी कार्यप्रणाली और आदतों में समय रहते सकारात्मक बदलाव लाने का है. यदि आप समय की मांग को समझते हुए अपनी दिनचर्या, अध्ययन शैली या खेल तकनीक में आवश्यक परिवर्तन नहीं लाएंगे, तो जीवन और करियर की प्रतिस्पर्धी रेस में पिछड़ सकते हैं; इसलिए आलस्य त्यागें. स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, 10वें भाव के चंद्रमा और शुभ ग्रहों के प्रभाव से मानसिक स्फूर्ति और शारीरिक ऊर्जा उच्च स्तर पर रहेगी. सफलता की खुशी मन को तरोताजा रखेगी. फिर भी, व्यस्त दिनचर्या के बीच हल्का व सुपाच्य भोजन लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
शुभ रंग: स्काई ब्लू (आसमानी नीला)
शुभ अंक: 3
अशुभ अंक: 5
आज का उपाय: सोमवार और आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के पावन अवसर पर भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध, काले तिल, अक्षत व गंगाजल मिलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र से अभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें. इसके साथ ही भगवान लक्ष्मीनारायण जी का स्मरण करें.
दशमी श्राद्ध के उपलक्ष्य में परिवार के पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिले जल से तर्पण करें. किसी जरूरतमंद कन्या, भिक्षुक या निर्धन व्यक्ति को खीर, दूध अथवा सफेद/आसमानी वस्त्र का दान करें; इससे 10वें भाव के चंद्रमा से कर्मक्षेत्र में पूर्ण सफलता मिलेगी, गजकेसरी व सर्वार्थसिद्धि योग से कार्यस्थल पर सम्मान मिलेगा, दोपहर बाद बड़े व्यावसायिक ऑर्डर प्राप्त होंगे और पारिवारिक व प्रेम जीवन में मधुरता आएगी.
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