पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन, ऐसे मिलेगा फायदा

पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन, ऐसे मिलेगा फायदा


Gopal Credit Card Yojana: पशुपालन करने वाले ग्रामीण परिवारों के सामने कई बार अचानक खर्च आ जाता है. पशु के बीमार होने पर इलाज का खर्च, चारे के दाम बढ़ने पर ज्यादा पैसे और पशु शेड की मरम्मत जैसे कामों के लिए कभी-कभी तुरंत पैसों की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे समय में कई पशुपालकों को मजबूरी में ज्यादा ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है.

पशुपालकों की इसी परेशानी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की है. इस योजना में पात्र पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का कम समय के लिए बिना ब्याज का लोन मिल सकता है. यह योजना किसान क्रेडिट कार्ड की तरह है, जिसमें पशुपालन और डेयरी से जुड़े जरूरी खर्च पूरे करने के लिए पैसे मिलते हैं.

चारा और पशुओं के इलाज में कर सकते हैं इस्तेमाल

इस योजना से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पशुपालन से जुड़े कई जरूरी खर्चों के लिए किया जा सकता है. पशुपालक इससे हरा और सूखा चारा, पशु आहार और मिनरल मिक्सचर खरीद सकते हैं. इसके अलावा पशुओं की दवा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और इलाज से जुड़े खर्च भी पूरे किए जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर इस राशि का इस्तेमाल पशु शेड बनाने या पुराने शेड की मरम्मत, चारा काटने की मशीन और डेयरी से जुड़ी जरूरी मशीनें खरीदने में भी किया जा सकता है.

कौन ले सकता है योजना का फायदा?

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का निवासी होना जरूरी है. इसके साथ ही वह पशुपालन या डेयरी के काम से जुड़ा होना चाहिए. आवेदक का दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना भी जरूरी है. इसके अलावा संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा. लोन की अंतिम मंजूरी बैंक या संबंधित सहकारी संस्था के नियमों के आधार पर होगी.

यह भी पढ़ें: MSP पर फसल बेचने की तारीख बढ़ी, किसानों को मिली बड़ी राहत

आवेदन से पहले ये दस्तावेज रखें तैयार

आवेदन के लिए आमतौर पर आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और पशुओं से जुड़ी जानकारी जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर बैंक या संबंधित संस्था कुछ दूसरे कागजात भी मांग सकती है.

यहां से ले सकते हैं जानकारी

अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो अपने नजदीकी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति या पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं. जहां ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, वहां SSO पोर्टल के जरिए राज-सहकार सेवा में लॉगिन करके आवेदन किया जा सकता है.

इस तरह पशुपालकों को पशुओं के इलाज, चारे और डेयरी से जुड़े जरूरी खर्चों के लिए समय पर आर्थिक मदद मिल सकती है और उन्हें महंगे कर्ज पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है.

यह भी पढ़ें: हर महीने 3,000 रुपये पेंशन, किसानों के लिए बड़ी योजना.. ऐसे मिलेगा फायदा



Source link