नए किसान ज्यादा पशु खरीदने के बजाय करीब 5 क्रॉस ब्रीड गायों से डेयरी शुरू कर सकते हैं. इससे पशुओं की देखभाल, चारे, बीमारी और दूध उत्पादन को समझने का मौका मिलेगा.

डेयरी में नस्ल का चुनाव जरूरी है, लेकिन केवल नस्ल के नाम या ज्यादा दूध के दावे पर पशु खरीदना सही नहीं है. गीर और साहीवाल जैसी देसी नस्लों के साथ क्रॉस ब्रीड भी विकल्प हो सकती हैं.

सिर्फ मौजूदा दूध उत्पादन देखकर गाय न खरीदें. यह भी देखें कि गर्भधारण और ब्याने के समय तक उसका दूध कितना बना रहता है, क्योंकि नियमित दूध मिलने से डेयरी की कमाई बनाए रखने में मदद मिलती है.

शुरुआती दो साल में चारे की व्यवस्था, पशुओं की सेहत, दूध की बिक्री, खर्च और आमदनी का हिसाब समझना जरूरी है. इस दौरान फार्म को संभालने का अच्छा अनुभव भी मिल जाता है.

डेयरी का मुनाफा केवल गायों की संख्या से तय नहीं होता. चारे का खर्च, इलाज, देखभाल, दूध की कीमत और स्थानीय बाजार जैसे पहलुओं को समझने के बाद ही पशुओं की संख्या बढ़ानी चाहिए.

हर नस्ल हर जगह सबसे अच्छी नहीं होती. किसान अपने इलाके के मौसम, चारे की उपलब्धता, पानी, बाजार और पशुओं की देखभाल करने की क्षमता को ध्यान में रखकर नस्ल चुनें. सही पशु, सीमित संख्या और बेहतर प्रबंधन से डेयरी को धीरे-धीरे बड़ा किया जा सकता है.
Published at : 08 Oct 2026 03:43 PM (IST)
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