सर्दियों में बढ़ेगी गर्मी? अल नीनो बिगाड़ सकता है गेहूं का खेल!

सर्दियों में बढ़ेगी गर्मी? अल नीनो बिगाड़ सकता है गेहूं का खेल!


El Nino Threat: सर्दियों के आते ही किसानों को उम्मीद रहती है कि, अच्छी ठंड से गेहूं की फसल को बढ़ने का पूरा मौका मिलेगा और पैदावार भी अच्छी होगी. लेकिन इस बार मौसम का मिजाज उनकी चिंता बढ़ा सकता है. इस बार अल नीनो के असर से सर्दियां सामान्य से ज्यादा गर्म रहने की आशंका जताई जा रही है. अगर गेहूं में दाना भरने के समय तापमान बढ़ गया, तो फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है. 

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आने वाले महीनों में देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है. इसकी एक वजह अल नीनो का मजबूत होना भी है. गेहूं की फसल को अच्छी पैदावार के लिए ठंडे मौसम की जरूरत होती है. ऐसे में अगर जनवरी और फरवरी में तापमान तेजी से बढ़ा, तो गेहूं के दाने छोटे रह सकते हैं और पैदावार घटने का खतरा बढ़ सकता है.

क्या है अल नीनो

अल नीनो प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने से जुड़ी एक मौसमी घटना है. इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में बारिश और तापमान पर पड़ सकता है. विश्व मौसम संगठन के अनुमान के मुताबिक, अल नीनो 2026 के आखिर तक मजबूत हो सकता है और इसका असर 2027 तक रह सकता है. हालांकि, इससे देश के हर हिस्से में मौसम एक जैसा रहेगा, यह जरूरी नहीं है.

कम बारिश के बाद किसानों की बढ़ सकती है परेशानी

इस साल मॉनसून के दौरान देश में सामान्य से करीब 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. ऐसे में अगर सर्दियों में भी तापमान ज्यादा रहता है, तो खेतों की मिट्टी में नमी जल्दी कम हो सकती है. इससे गेहूं समेत दूसरी रबी फसलों में सिंचाई की जरूरत बढ़ सकती है. जिन इलाकों में पहले से पानी की कमी है, वहां किसानों की परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें: देश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात, ऐसे में क्या उगाएं किसान?

गेहूं की फसल को कैसे होगा नुकसान?

गेहूं की फसल में जनवरी और फरवरी का समय काफी अहम होता है. इस दौरान पौधों में दाने बनते हैं और उनका आकार बढ़ता है. अगर इस समय मौसम ज्यादा गर्म हो जाता है, तो फसल जल्दी पकने लगती है. इससे दानों को पूरी तरह बढ़ने का समय नहीं मिल पाता. नतीजतन, दाने छोटे रह सकते हैं और प्रति एकड़ या हेक्टेयर पैदावार घट सकती है. किसानों को इससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.

किसान अभी से क्या करें?

किसानों को गेहूं की बुवाई अपने इलाके के सही समय पर करनी चाहिए. साथ ही, ऐसी किस्मों का चुनाव करना चाहिए, जो स्थानीय मौसम के हिसाब से अच्छी पैदावार देती हों. अगर गर्मी बढ़ने का अनुमान मिलता है, तो कृषि विशेषज्ञों की सलाह से फसल की देखभाल करें.

खेत में नमी बनाए रखने के लिए जरूरत के मुताबिक सिंचाई करें. खासकर दाने बनने के समय पानी की कमी न होने दें. हालांकि, खेत में जरूरत से ज्यादा पानी भी न भरें. जिन किसानों के पास सिंचाई के पानी की कमी है, उन्हें पहले से पानी का इंतजाम रखने और मौसम की जानकारी लेते रहने की जरूरत है.

यह भी पढ़ें: अल नीनो की मार से फसल हुई बर्बाद? किसानों को ऐसे मिलेगा बीमा का पैसा



Source link