खेत की मेड़ पर क्या-क्या उगा सकते हैं, किसानों की होती है डबल कमाई

खेत की मेड़ पर क्या-क्या उगा सकते हैं, किसानों की होती है डबल कमाई


खेत की मेड़ पर किसान अमरूद, नींबू, आंवला, सहजन और अनार जैसे फलदार पेड़ लगा सकते हैं. इन पेड़ों को खेत के किनारे लगाने से बीच की जमीन खाली रहती है और मुख्य फसल की खेती भी चलती रहती है. कुछ समय बाद इन पेड़ों से फल मिलने लगते हैं, जिन्हें बेचकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं.

सहजन यानी मोरिंगा का पौधा मेड़ पर लगाने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इसकी फलियों और पत्तियों की बाजार में मांग रहती है. किसान जरूरत के हिसाब से इसकी फलियां बेच सकते हैं. हालांकि, पौधों के बीच उचित दूरी रखना जरूरी है, ताकि मुख्य फसल को धूप और जगह की कमी न हो.

सहजन यानी मोरिंगा का पौधा मेड़ पर लगाने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इसकी फलियों और पत्तियों की बाजार में मांग रहती है. किसान जरूरत के हिसाब से इसकी फलियां बेच सकते हैं. हालांकि, पौधों के बीच उचित दूरी रखना जरूरी है, ताकि मुख्य फसल को धूप और जगह की कमी न हो.

किसान खेत की मेड़ पर गेंदा, गुलाब और गुड़हल जैसे फूलों के पौधे लगा सकते हैं. त्योहारों और शादी के सीजन में फूलों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में किसान अपनी मुख्य फसल के साथ फूल बेचकर भी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए स्थानीय बाजार में फूलों की मांग पहले देख लेना अच्छा रहेगा.

किसान खेत की मेड़ पर गेंदा, गुलाब और गुड़हल जैसे फूलों के पौधे लगा सकते हैं. त्योहारों और शादी के सीजन में फूलों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में किसान अपनी मुख्य फसल के साथ फूल बेचकर भी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए स्थानीय बाजार में फूलों की मांग पहले देख लेना अच्छा रहेगा.

खेत की मेड़ पर तुलसी, एलोवेरा और लेमनग्रास जैसे पौधे भी लगाए जा सकते हैं. इनका इस्तेमाल दवा, सौंदर्य से जुड़े सामान और दूसरी चीजें बनाने में होता है. हालांकि, इन्हें लगाने से पहले आसपास के बाजार या खरीददारों के बारे में जानकारी जरूर ले लें, ताकि फसल तैयार होने के बाद बेचने में परेशानी न हो.

खेत की मेड़ पर तुलसी, एलोवेरा और लेमनग्रास जैसे पौधे भी लगाए जा सकते हैं. इनका इस्तेमाल दवा, सौंदर्य से जुड़े सामान और दूसरी चीजें बनाने में होता है. हालांकि, इन्हें लगाने से पहले आसपास के बाजार या खरीददारों के बारे में जानकारी जरूर ले लें, ताकि फसल तैयार होने के बाद बेचने में परेशानी न हो.

मेड़ के किनारे उपलब्ध जगह और छाया के हिसाब से किसान हल्दी और अदरक जैसी फसलें भी उगा सकते हैं. इनकी खेती के लिए मिट्टी में नमी और पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. ध्यान रखें कि इन फसलों को तभी लगाएं, जब मेड़ की चौड़ाई और मिट्टी इनके लिए उपयुक्त हो.

मेड़ के किनारे उपलब्ध जगह और छाया के हिसाब से किसान हल्दी और अदरक जैसी फसलें भी उगा सकते हैं. इनकी खेती के लिए मिट्टी में नमी और पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. ध्यान रखें कि इन फसलों को तभी लगाएं, जब मेड़ की चौड़ाई और मिट्टी इनके लिए उपयुक्त हो.

किसान खेत की मेड़ पर बांस भी लगा सकते हैं. इससे कुछ साल बाद बांस बेचकर कमाई की जा सकती है. इसके अलावा, खेत की जरूरत के हिसाब से करौंदा और अरहर जैसे पौधे भी लगाए जा सकते हैं. लेकिन बांस जैसे तेजी से फैलने वाले पौधों को मुख्य फसल से उचित दूरी पर लगाना चाहिए, ताकि उनकी जड़ें और छाया फसल को नुकसान न पहुंचाएं.

किसान खेत की मेड़ पर बांस भी लगा सकते हैं. इससे कुछ साल बाद बांस बेचकर कमाई की जा सकती है. इसके अलावा, खेत की जरूरत के हिसाब से करौंदा और अरहर जैसे पौधे भी लगाए जा सकते हैं. लेकिन बांस जैसे तेजी से फैलने वाले पौधों को मुख्य फसल से उचित दूरी पर लगाना चाहिए, ताकि उनकी जड़ें और छाया फसल को नुकसान न पहुंचाएं.

Published at : 01 Nov 2026 03:28 PM (IST)

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