अबूधाबी में चर्चा से पहले फिर तनाव, रूस ने दागीं यूक्रेन पर मिसाइलें, 172 ड्रोन से मचाई तबाही

अबूधाबी में चर्चा से पहले फिर तनाव, रूस ने दागीं यूक्रेन पर मिसाइलें, 172 ड्रोन से मचाई तबाही


रूस ने देर रात यूक्रेन के 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों पर अटैक किया. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटनाक्रम की पुष्टी की. रॉयटर्स के मुताबिक, जेलेंस्की ने कहा है कि सभी मिसाइलें राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाकर दागी गई थीं. यूक्रेन की राजधानी में हुए इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं, एक बच्चे समेत 8 लोग घायल हो गए. 

अधिकारियों के मुताबिक, कीव और उसके आसपास के इलाकों में इन हमलों से यूक्रेन के एनर्जी स्ट्रक्चर और नीपर नदी पर बने एक पुल को नुकसान पहुंचा है. मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा है कि रूस ने कई चरणों में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं. इससे पूरा शहर दहल उठा. इनमें से कई मिसाइलें नॉर्दन ब्रिज से टकराई हैं.

हमलों में इमारत-घरों को पहुंचा नुकसान

अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कई घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है. रूस का दावा है कि उसने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है. बड़े पैमाने पर यह हमले किए गए हैं. पिछले कुछ वक्त से रूस ने यूक्रेन पर अपने हवाई हमलों को तेज कर दिया है.

वहीं ग्राउंड पर उसका हमला रुका हुआ है. यूक्रेन पर रूस के पूर्ण अटैक के लगभग पांच साल बाद, प्रमुख शहरों में एनर्जी स्ट्रक्चर को ऐसी मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया जा रहा है. इन्हें रोकना मुश्किल है. 

रूस के तरफ से हमले के दायरा बढ़ाया गया है. इसमें कीव के पुलों को निशाने पर लिया गया है. 30 लाख से ज्यादा अधिक आबादी वाले इस शहर में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ताजा हमलों में मध्य जाइटॉमिर क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. 

अमेरिका की मौजूदगी में होगी चौथे दौर की बातचीत

इधर, अबू धाबी में रूस-यूक्रेन और अमेरिका के बीच बातचीत होने वाली है. यह बातचीत ऐसे वक्त हो रहा है, जब यूक्रेन और रूस के अधिकारियों के  बीच त्रिपक्षीय वार्ता का नया दौर शुरू होने वाला है. यह अमेरिका समर्थित शांति प्रयासों का हिस्सा है. इसके  अब तक बहुत कम नतीजे निकले हैं. 

ब्लूमबर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के बढ़ने के बीच, यूरोपीय देश चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध रोके. तभी वह महाद्वीप की सुरक्षा को लेकर क्रेमलिन की चिंताओं पर किसी तरह की बातचीत करेंगे. रिपोर्ट में बताया गया है कि यूरोपीय अधिकारी इस बात पर अडिग हैं कि युद्ध से पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन की जो मांगे थीं, वे आज भी स्वीकार्य नहीं है. 10-11 नवंबर को यह त्रिपक्षीय बैठक होने वाली है. इसमें अमेरिका, रूस और यूक्रेन शामिल होंगे. ऐसे में बातचीत का यह चौथा दौर होगा. 



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