तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाते हुए सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी शिकस्त दी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि, इस बीच विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) के उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति. आर ने महज 1 वोट से जीत हासिल की. उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के मंत्री पेरियाकरुप्पन. के.आर. को हराया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर रही. 1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई. इस जीत के साथ ही विजय और टीवीके के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हो गई हैं और पार्टी के संस्थापक विजय अल्पसंख्यक समुदाय (ईसाई धर्म) से राज्य की बागडोर संभालने वाले पहले व्यक्ति होंगे. विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है. उनकी पार्टी 107 सीटें जीत कर 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.
स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में मिली हार
द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 8,795 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि टीवीके अपने पहले चुनाव में अभूतपूर्व और भारी जीत की ओर बढ़ रही है, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक यहां पनायूर स्थित पार्टी कार्यालय के सामने जमा हो गए और मिठाइयां बांटीं. इसके अलावा, विजय की जीत और समान विचारधारा वाली पार्टियों को सत्ता में हिस्सेदारी के बार-बार दिए गए आश्वासन से राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय खुलने की उम्मीद है. टीवीके समर्थकों को उम्मीद है कि कांग्रेस (5), आईयूएमएल (2), वामपंथी दल (4), वीसीके (2) और पीएमके (5) भी समर्थन देंगे और सत्ता में हिस्सेदारी पा सकेंगे. इन सभी पार्टियों ने मिलकर कुल 18 सीटों पर जीत हासिल की है या आगे चल रही हैं. टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है. तमिलनाडु में यह पहली बार होगा कि कोई पार्टी अपनी स्थापना के दो साल से कुछ अधिक समय बाद सत्ता में आएगी.






