बरसात में उगाएं फूलगोभी, होगी बंपर कमाई

बरसात में उगाएं फूलगोभी, होगी बंपर कमाई


Cauliflower Farming Tips: सब्जी की खेती से किसान कम समय में काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अलग-अलग मौसमों में अलग-अलग सब्जियों की डिमांड रहती है. सर्दियों में फूलगोभी खूब उगाई जाती है.  लेकिन आजकल तकनीकों का इस्तेमाल करके किसान बरसात में भी इसकी अगेती खेती आसानी से कर रहे हैं. मानसून के मौसम में जब बाजार में हरी सब्जियों की आवक कम हो जाती है. उस समय ताजी फूलगोभी के दाम आसमान छू रहे होते हैं. 

ऐसे में अगर सही तरीकों से बरसात में फूलगोभी उगाई जाए. तो किसान कम समय में तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. बारिश के सीजन में सबसे बड़ी चुनौती पौधों को गलने से बचाने और ज्यादा पानी से सुरक्षित रखने की होती है. इसके लिए पॉलीहाउस और शेडनेट का इस्तेमाल एक बढ़िया आइडिया साबित होता है. चलिए आपको बताते हैं बरसात में फूलगोभी उगाने का सही तरीका क्या है और कैसे इससे बंपर कमाई की जा सकती है.

पॉलीहाउस में करें नर्सरी की शुरुआत

बरसात में सीधे खेत में बीज बोने पर पानी के तेज बहाव और जलभराव से बीजों के बहने या सड़ने का खतरा बना रहता है. इसलिए जून और जुलाई के महीनों में सबसे पहले पॉलीहाउस या शेडनेट के अंदर सुरक्षित नर्सरी तैयार करनी चाहिए. नर्सरी बनाते समय उठी हुई क्यारियों का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है जिससे एक्स्ट्रा पानी आसानी से निकल जाए. 

इसके अलावा बीजों की बुवाई से पहले सीड ट्रीटमेंट करना बेहद जरूरी है. कॉपटान या थीराम जैसी दवाइयों से 2 से 3 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से ट्रीटमेंट करने से पौधे फंगस और बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और नर्सरी में पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. 

सही किस्मों का चुनाव करें

बरसाती मौसम में हर तरह की फूलगोभी की वैरायटी काम नहीं करती. मानसून में अगेती यानी अर्ली वैरायटी वाले बीजों का चयन ही सबसे समझदारी भरा फैसला होता है. ऐसी किस्में जो अधिक तापमान और हल्की से मध्यम नमी को सहन कर सकें वही बारिश में बेहतर रिजल्ट देती हैं. अगर आप गलत किस्म का चुनाव कर लेंगे.

तो पौधे तो बड़े हो जाएंगे लेकिन उनमें सही फूल नहीं बनेंगे या फूल जल्दी खराब हो जाएंगे. इसीलिए बाजार से बीज खरीदते समय यह जरूर कन्फर्म कर लें कि वह बरसात या अगेती खेती के लिए ही रिकमेंड की गई हो. सही बीज लगाने से फसल जल्दी तैयार होती है और मार्केट में रेट भी सबसे ज्यादा मिलता है.

बरसात में उगाएं फूलगोभी, होगी बंपर कमाई

खेत की तैयारी 

नर्सरी में जब पौधे लगभग 20 से 25 दिन में रोपाई के लायक हो जाएं, तब उन्हें मुख्य खेत में शिफ्ट किया जाता है. खेत तैयार करते समय गोबर की खाद और सड़ी हुई वर्मीकंपोस्ट अच्छी मात्रा में मिला लें. सबसे जरूरी बात यह है कि रोपाई हमेशा मेड़ बनाकर ही करें. 

ड्रेनेज का रखें खास ध्यान

समतल जमीन पर पौध लगाने से बारिश का पानी तने के पास रुक सकता है जिससे पौधे गलने लगते हैं. बेड पर पौधे लगाने से पानी सीधे जड़ों के पास जमा नहीं होता और ड्रेनेज सिस्टम बेहतर रहता है. दो पौधों और दो लाइनों के बीच सही दूरी बनाकर रखें जिससे पौधों को पर्याप्त हवा और रोशनी मिल सके, जिससे उनका साइज बढ़िया बने.  

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ऑफ-सीजन में मिलेगी मनचाही कीमत 

बरसात के सीजन में उगाई गई फूलगोभी जब बाजार में पहुंचती है. तो उस समय मंडी में इसकी सप्लाई काफी कम होती है. जहां ठंड के दिनों में गोभी 10 से 15 रुपये किलो बिकती है, वहीं मानसून के सीजन में इसका रेट 50 से 80 रुपये किलो तक आराम से मिल जाता है. 

अगर आपने पॉलीहाउस तकनीक और सही ड्रेनेज के साथ फसल को बचा लिया तो प्रति एकड़ बहुत ही कम लागत में लाखों का नेट प्रॉफिट कमाया जा सकता है. यही वजह है कि किसान अब पारंपरिक सीजन का इंतजार करने के बजाय ऑफ-सीजन फार्मिंग पर फोकस कर रहे हैं और कम समय में तगड़ी कमाई कर रहे हैं.

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