यूरिन में जलन को मानते हैं मामूली? इग्नोर किया तो डैमेज हो सकती है किडनी!

यूरिन में जलन को मानते हैं मामूली? इग्नोर किया तो डैमेज हो सकती है किडनी!


What Happens If Urinary Tract Infection Is Left Untreated: यूरिन के दौरान जलन महसूस होना या बार-बार शौचालय जाने की जरूरत लगना अक्सर लोग हल्की परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यह मामूली और अस्थायी लग सकता है, लेकिन शरीर बिना वजह संकेत नहीं देता. जो समस्या शुरुआत में छोटी लगती है, वह धीरे-धीरे बढ़कर किडनी तक पहुंच सकती है, जो शरीर के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है. यह बदलाव, यानी हल्की तकलीफ से गंभीर नुकसान तक का सफर, जितना हम सोचते हैं उससे कहीं तेजी से हो सकता है.

इंफेक्शन की समस्या 

यूरिन मार्ग इंफेक्शन एक आम समस्या है, खासकर महिलाओं में. यह आमतौर पर बैक्टीरिया के कारण होता है और शुरुआत में निचले हिस्से तक सीमित रहता है. शुरुआती लक्षणों में यूरिन के समय जलन, बार-बार यूरिन आना, लगातार इच्छा बने रहना और पेट के निचले हिस्से में हल्की असहजता शामिल होती है. डॉ. जावेद ताहिर ने TOI को बताया कि यह सबसे सामान्य इंफेक्शन में से एक है, लेकिन हल्के लक्षणों की वजह से लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में भारी पड़ सकता है. 

इलाज न करवाने पर दिक्कत

अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह इंफेक्शन ऊपर की ओर बढ़ने लगता है. बैक्टीरिया मूत्राशय से किडनी तक पहुंच जाते हैं और स्थिति गंभीर हो जाती है. डॉ बिक्रम के अनुसार, कई बार ऐसा देखा जाता है कि साधारण इंफेक्शन इलाज में देरी के कारण किडनी इंफेक्शन में बदल जाता है. जब किडनी प्रभावित होती है, तो तेज बुखार, ठंड लगना, पीठ में दर्द, मतली और थकान जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं.

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क्यों होती है दिक्कत

किडनी केवल शरीर से टॉक्सिक पदार्थ निकालने का काम ही नहीं करती, बल्कि ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने और जरूरी खनिजों को संतुलित रखने का भी काम करती है. जब इंफेक्शन वहां तक पहुंचता है, तो सूजन शुरू हो जाती है और बार-बार या गंभीर इंफेक्शन किडनी के टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकते हैं. डॉ. जावेद के अनुसार, इससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो सकती है और लंबे समय में यह पुरानी किडनी बीमारी का कारण भी बन सकती है.

क्या होते हैं इसके संकेत

समस्या यह है कि शरीर शुरुआती संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. हल्की जलन, थोड़ा दर्द या पेशाब का रंग बदलना ये सभी संकेत हैं कि शरीर में इंफेक्शन मौजूद है. अगर इसके साथ बुखार, पीठ या साइड में दर्द, उल्टी या 24-48 घंटे से ज्यादा लक्षण बने रहें, तो इसे गंभीरता से लेना जरूरी है. कुछ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, जैसे महिलाएं, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज से पीड़ित लोग, बुजुर्ग और जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है. इनके लिए हल्का लक्षण भी बड़ा खतरा बन सकता है. इससे बचाव मुश्किल नहीं है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है. डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों को पूरा करना, पर्याप्त पानी पीना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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