लैपटॉप पर पानी गिरते ही सबसे पहला काम उसे तुरंत बंद करने का करें. इस समय माउस से नॉर्मल शट-डाउन करने का इंतजार बिल्कुल न करें क्योंकि इसमें कीमती सेकंड बर्बाद होते हैं. सीधा पावर बटन को 5 से 7 सेकंड तक दबाए रखें जब तक कि स्क्रीन पूरी तरह बंद न हो जाए. साथ ही अगर चार्जर लगा हुआ है तो उसे भी फौरन मेन स्विच से बंद करके प्लग से निकाल दें.

पावर ऑफ करने के तुरंत बाद लैपटॉप से जुड़ी हर एक चीज को अलग कर दें. अगर उसमें माउस का डोंगल, Pen Drive या कोई केबल लगी है. तो सब तुरंत बाहर निकाल लें. अगर आपके लैपटॉप की बैटरी बाहर निकलने वाली है तो बिना देर किए उसे भी हटा दें. असल में जब तक अंदर करंट दौड़ता रहेगा पानी की एक बूंद भी शॉर्ट सर्किट करके अंदरूनी पार्ट्स को जला सकती है.

अब एक माइक्रोफाइबर क्लॉथ या टिश्यू पेपर लें और कीबोर्ड के ऊपर दिख रहे पानी को हल्के हाथों से सोख लें. ध्यान रहे कि कपड़ा रगड़ते समय बटनों को जोर से न दबाएं, वरना पानी रिसकर और गहराई में चला जाएगा. ऊपर से पानी पोंछने के बाद लैपटॉप को पूरा खोलें और किसी तौलिए के ऊपर उल्टा करके अंग्रेजी के उल्टे ‘V’ यानी टेंट जैसी पोजीशन में खड़ा करके रख दें.

लैपटॉप को उल्टा यानी टेंट पोजीशन में रखना सबसे कारगर तरीका माना जाता है. ऐसा करने से कीबोर्ड के नीचे फंसा हुआ पानी मदरबोर्ड की तरफ जाने के बजाय बटनों के रास्ते वापस बाहर टपक जाता है. लैपटॉप को इसी हालत में किसी हवादार जगह या पंखे के नीचे कम से कम 24 से 48 घंटे तक छोड़ दें. जिससे अंदर मौजूद नमी अपने आप हवा से पूरी तरह सूख जाए.

अक्सर लोग लैपटॉप को जल्दी सुखाने के चक्कर में हेयर ड्रायर चलाने की भूल कर बैठते हैं. आपको गलती से भी ड्रायर का इस्तेमाल नहीं करना है. इसकी तेज गर्म हवा कीबोर्ड के नाजुक प्लास्टिक बटनों और अंदर के सर्किट को पिघला सकती है. इतना ही नहीं हवा के प्रेशर से पानी की बूंदें सूखने के बजाय खिसककर मदरबोर्ड के उन कोनों में पहुंच जाती हैं जहां और बड़ा नुकसान हो सकता है.

गीले फोन की तरह लैपटॉप को कच्चे चावल में दबाने वाला देसी जुगाड़ न आजमाएं. लैपटॉप में हवा पास होने के लिए वेंट्स, कूलिंग फैन और कई पोर्ट्स होते हैं. चावल में रखने से उसका बारीक पाउडर और दाने यूएसबी पोर्ट या कीबोर्ड के नीचे फंस जाते हैं. यह स्टार्च नमी के साथ मिलकर अंदर चिपक जाता है जिससे कूलिंग फैन जाम होने से एक और नई मुसीबत खड़ी हो जाती है.

अगर लैपटॉप पर सादा पानी गिरा है तो सूखने के बाद वह अक्सर ठीक से चल पड़ता है. लेकिन अगर मीठी चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक गिरी है. तो सिर्फ सुखाने से काम नहीं चलेगा. ये चीजें सूखने के बाद अंदर के सर्किट पर चिपचिपी परत छोड़ देती हैं, जिससे बाद में जंग लगने लगती है. ऐसे में लैपटॉप को घर पर चालू करने के बजाय सर्विस सेंटर ले जाकर क्लीनिंग करवाना ही समझदारी है.

इस तरह की सिचुएशन में जल्दबाजी बिल्कुल न दिखाएं अक्सर लोग दो-तीन घंटे बाद ही यह देखने के लिए पावर बटन दबा देते हैं कि लैपटॉप चालू हो रहा है या नहीं. यही जल्दबाजी सारा खेल बिगाड़ देती है और अंदर बची नमी से Motherboard जल जाता है. इसलिए पूरा सूखने का इंतजार करें और अगर पानी ज्यादा गिरा था तो एक बार टेक्नीशियन से चेक करवाकर ही उसे दोबारा ऑन करें.
Published at : 18 Oct 2026 03:10 PM (IST)






