साल में कितने टन चावल उगाता है आंध्र प्रदेश, तूफान से कितना घटेगा उत्पादन?

साल में कितने टन चावल उगाता है आंध्र प्रदेश, तूफान से कितना घटेगा उत्पादन?


Cyclone Arnab Impact: आंध्र प्रदेश की पहचान सिर्फ समुद्री तटों से नहीं, बल्कि धान की खेती से भी है. यहां लाखों किसान धान उगाकर अपना घर चलाते हैं. लेकिन चक्रवाती तूफान अर्नब की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर उन किसानों की, जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार है. अगर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होती है, तो खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है. ऐसे में सवाल है कि आंध्र प्रदेश हर साल कितना चावल पैदा करता है और तूफान से उत्पादन पर कितना असर पड़ सकता है?

आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों में शामिल है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024-25 में राज्य में करीब 81.59 लाख टन यानी 81 लाख 59 हजार टन चावल का उत्पादन हुआ था. इससे पहले 2023-24 में यह आंकड़ा 73.4 लाख टन था. यानी एक साल में उत्पादन बढ़ा था. राज्य में करीब 20.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चावल की खेती दर्ज की गई थी.

तूफान से कितनी फसल को खतरा?

चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में करीब 6 लाख एकड़ क्षेत्र की फसलों पर खतरा बताया जा रहा है. शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इनमें धान के साथ दूसरी फसलें भी शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकरा सकता है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है.

धान की पैदावार पर कैसे पड़ेगा असर?

तेज हवाएं धान के पौधों को जमीन पर गिरा सकती हैं. वहीं, लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने का खतरा रहेगा. इससे धान की बालियों और दानों को नुकसान पहुंच सकता है. जिन खेतों में फसल तैयार होने वाली है, वहां नुकसान की आशंका ज्यादा हो सकती है. बारिश के कारण कटाई में देरी और धान की क्वालिटी खराब होने से किसानों को बाजार में कम कीमत भी मिल सकती है.

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आखिर कितने टन घटेगा उत्पादन?

तूफान से आंध्र प्रदेश में चावल का उत्पादन कितने टन घटेगा फिलहाल यह बताना थोड़ा मुश्किल है. इसकी वजह यह है कि, तूफान अभी तट से नहीं टकराया है और फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन बाकी है. उत्पादन में कितनी कमी आएगी, यह तूफान की तीव्रता, बारिश, खेतों में पानी भरने और प्रभावित धान के क्षेत्र पर निर्भर करेगा.

किसानों को अभी क्या करना चाहिए?

कृषि विभाग ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी है. जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे अनाज को सुरक्षित जगह रखें और तिरपाल से ढक दें. बारिश के दौरान खाद या कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें. 

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