रिलायंस फाउंडेशन ने एक अच्छी पहल की घोषणा की है. जिसके तहत मुंबई में एक आश्रय बनाया जाएगा, जिसमें जरूरतमंदों को रहने के लिए जगह मिलेगी और साथ ही इलाज की सुविधा भी मिलेगी. इस पहल का नाम रखा गया है ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’, जिसका भूमिपूजल 1 नवंबर 2026 को नीता अंबानी और उनकी बेटी आशा अंबानी ने किया है.
ये आश्रय मुंबई के पास महाराष्ट्र के करजत में 100 एकड़ जमीन पर एक खास टाउनशिप के रूप में बनाया जाने वाला है. इस टाउनशिप में 5,000 से ज्यादा ऐसे लोगों को जिंदगीभर रहने, इलाज और देखभाल की सुविधा मिलेगी, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है.
क्या है प्रोजेक्ट का उद्देश्य?
इस प्रोजेक्ट के तहत अनाथ बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग लोग इस टाउनशिप में रह सकेंगे. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ऐसे लोगों को सुरक्षित घर देना है, जहां उन्हें परिवार जैसा माहौल और बेहतर जिंदगी जीने का मौका मिल सके. रविवार को नीता अंबानी ने इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन और निर्माण कार्य की शुरुआत की गई. इसे कई चरणों में तैयार किया जाएगा. हालांकि, इसका निर्माण जरूरी सरकारी मंजूरियां मिलने पर निर्भर करेगा.
15 हजार लोगों के लिए तैयार होगी टाउनशिप
इस टाउनशिप में रहने वाले लोगों के अलावा डॉक्टर, नर्स, देखभाल करने वाले कर्मचारी और अन्य स्टाफ भी रहेंगे. इस तरह यहां करीब 15 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी. यहां सिर्फ रहने की सुविधा ही नहीं होगी, बल्कि अस्पताल, शिक्षा, ट्रेनिंग, रोजगार और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी.
क्या बोलीं नीता अंबानी?
इस प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए नीता अंबानी कहा कि, ‘इस प्रोजेक्ट का मकसद दिव्यांग लोगों, अनाथ बच्चों और बुजुर्गों को ऐसा घर देना है, जहां उन्हें प्यार, सम्मान और देखभाल मिल सके’. उन्होंने ये भी कहा कि कई माता-पिता को हमेशा ये चिंता रहती है कि उनके बाद उनके दिव्यांग बच्चों की देखभाल कौन करेगा. इस पहल के जरिए ऐसे परिवारों को भरोसा दिलाने की कोशिश की जा रही है कि उनके बच्चों के पास हमेशा एक सुरक्षित घर और अपना परिवार होगा.
बांटी जाएगी टाउनशिप
इस पूरे परिसर को 8 रिहायशी गांवों में बांटा जाएगा. इन सभी गांवों के नाम भारत की नदियों के नाम पर रखे जाएंगे. हर गांव की अपनी अलग पहचान होगी. इसके लिए अलग-अलग रंग, प्रतीक और खास तरह के बगीचे बनाए जाएंगे, ताकि वहां रहने वाले लोगों को अपनी जगह पहचानने में आसानी हो. यहां रहने वाले लोगों को परिवार जैसा माहौल दिया जाएगा. हर घर में उनकी देखभाल के लिए विशेष कर्मचारी और अभिभावक मौजूद रहेंगे.
हर व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से अलग देखभाल योजना तैयार होगी. इसमें इलाज, पढ़ाई, हुनर सीखने, नौकरी और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा. इन योजनाओं की हर 6 महीने में समीक्षा भी होगी.
क्या- क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस टाउनशिप में अस्पताल से लेकर स्कूल- कॉलेज तक की सुविधा लोगों को मिलेगी. जैसे:
- अस्पताल की सुविधा विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए होगी. जिसमें इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं भी होंगी.
- शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी की सुविधा मिलेगी.
- दिव्यांग बच्चों के लिए खास शिक्षा और ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी.
- कर्मचारियों के बच्चों के लिए सामान्य स्कूल भी बनाया जाएगा.
- खेल के मैदान, बगीचे और मनोरंजन के लिए अलग जगह होगी.
- परिसर में मंदिर भी बनाया जाएगा.
- खेती के लिए जगह, कैफे और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
- इसके अलावा स्पीच थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी, मिर्गी का इलाज, विशेष डेंटल केयर और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए पैलिएटिव केयर की सुविधा भी होगी.
रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
इस टाउनशिप में बेकरी, कैफे और हस्तशिल्प से जुड़े स्टूडियो भी बनाए जाएंगे. यहां रहने वाले लोगों को अलग-अलग काम सिखाए जाएंगे, ताकि वो अपनी क्षमता के अनुसार काम कर सकें और रोजगार हासिल कर सकें. इसका उद्देश्य दिव्यांग लोगों को सिर्फ देखभाल देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका देना भी है.
इसके अलावा परिवारों को कुछ समय के लिए राहत देने के लिए विशेष रिहायशी सुविधा, मोबाइल मेडिकल क्लीनिक और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए हॉस्पिस की व्यवस्था भी होगी. दिव्यांग लोगों की देखभाल करने वाले डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों को ट्रेनिंग देने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की अकादमी भी बनाई जाएगी.
रिलायंस फाउंडेशन के बारे में
बता दें कि रिलायंस फाउंडेशन रिलायंस इंडस्ट्रीज की सामाजिक सेवा से जुड़ी संस्था है. ये स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, खेल, आपदा राहत और कला-संस्कृति जैसे क्षेत्रों में काम करती है. फाउंडेशन के मुताबिक, उसके कार्यक्रमों का लाभ देश के 98 हजार से ज्यादा गांवों और शहरी इलाकों में 10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुका है.
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