पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को आलू किसानों के लिए परिवहन सब्सिडी, बीमा और उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आलू अन्य राज्य में भेजने पर लगी उन पाबंदियों को हटा दिया है, जिन्हें राज्य की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार ने किसानों को परेशान करने के लिए लगाया था. सीएम ने राज्य के किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की और अलीपुरद्वार, झाड़ग्राम, पुरुलिया जिलों के किसानों के लिए विशेष पैकेज देने का वादा किया.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘बंगाल के 46 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा. राज्य सरकार चार लाख किसानों को प्रति यूनिट दो रुपये की बिजली सब्सिडी भी दे रही है.’ बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी सरकार ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘कृषक बंधु’ योजना का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ करने का फैसला किया. पीएम-किसान दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं में से एक है. इसके तहत केंद्र सरकार देशभर के किसान परिवारों के बैंक खातों में सालाना छह हजार रुपये तीन समान किस्तों में भेजती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून में पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त के तहत 18,880 करोड़ रुपये जारी किए थे. इसमें से 900 करोड़ रुपये से अधिक पश्चिम बंगाल के लाभार्थियों के लिए थे. गुरुवार को इस योजना के तहत 46 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की गई. शुभेंदू अधिकारी ने कहा, ‘राज्य के किसानों को अब छह हजार रुपये के बजाय नौ हजार रुपये मिलेंगे. यह डबल इंजन सरकार का लाभ है.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में राज्य के आलू किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. उन्होंने आरोप लगाया कि आलू ले जाने वाले ट्रकों को राज्य की सीमाओं पर रोक दिया जाता था और पुलिस के निर्देशों के कारण किसानों को भारी कठिनाइयों से गुजरना पड़ता था.’
उन्होंने कहा, ‘आलू किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए हमने पश्चिम बंगाल से दूसरे राज्यों में आलू ले जाने पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है. आलू ले जाने वाले किसी भी वाहन को राज्य की सीमाओं पर नहीं रोका जाएगा. सड़क या रेल मार्ग से दूसरे राज्यों में आलू भेजने पर हमारी सरकार 50 रुपये प्रति क्विंटल परिवहन सब्सिडी देगी.’
सीएम ने कहा, ‘आलू किसानों को प्रति क्विंटल 1,120 रुपये मूल्य के गारंटी प्रमाणपत्र मुफ्त दिए जाएंगे. यदि बाजार में कीमत इस स्तर से नीचे गिरती है, तो सरकार सब्सिडी के माध्यम से कीमत के अंतर की भरपाई करेगी. आलू के भंडारण की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए हमने 50 किसान बाजारों में आधुनिक सौर ऊर्जा संचालित शीतगृह स्थापित करने के वास्ते 150 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. आलू की खेती को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा और किसानों के बीमा प्रीमियम का हिस्सा सरकार वहन करेगी.’
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी आलू की फसल का बीमा कराने के लिए कोई राशि नहीं देनी होगी. कार्यक्रम के दौरान मालदा जिले के बाढ़ प्रभावित भूतनी चार के 10,750 किसानों के बीच मसूर और सरसों के बीज वितरित किए गए. शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि बाढ़ में जिन किसानों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें 1.8 लाख रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 90 हजार रुपये और मामूली नुकसान वाले मकानों के लिए चार हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.






