NEET पेपर लीक ने ली एक और जान, जानें अब तक कितने स्टूडेंट्स कर चुके हैं सुसाइड?

NEET पेपर लीक ने ली एक और जान, जानें अब तक कितने स्टूडेंट्स कर चुके हैं सुसाइड?


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • 2024 में राजस्थान के कोटा में 20 छात्रों ने की आत्महत्या.

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब एक परीक्षा रद्द होती है, तो उसका असर सिर्फ तारीखों पर नहीं, लाखों सपनों पर पड़ता है. NEET परीक्षा रद्द होने की खबर ने हजारों छात्रों को मानसिक झटके दिए. इसी बीच गोवा से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया.

रिपोर्ट्स के अनुसार गोवा के कर्टोरिम इलाके में रहने वाले 17 साल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था और पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने से बेहद परेशान था. यह छात्र मडगांव के एक हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता था. उसके पिता रेलवे में गार्ड हैं.

घटना वाले दिन जब पिता घर लौटे, तो बेटे को फंदे से लटका पाया. मां और बहन पहले ही अपने गांव जा चुकी थीं. पुलिस को मौके से एक नोट मिला, जिसमें छात्र ने लिखा था कि वह अब किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठना चाहता. वहीं, यूपी के लखीमपुर खीरी से भी नीट रद्द होने के चलते एक छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया है.

हैरान कर देंगे आंकड़े

स्टूडेंट्स की आत्महत्या को लेकर यह घटना कोई अकेली नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2024 में अकेले राजस्थान के कोटा में ही 20 स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की थी. जबकि 2022 और 2023 में भी अकेले कोटा का आंकड़ा एक दर्जन से अधिक था. 2022 में 15 और 2023 में 29 छात्रों ने अकेले कोटा में ही मौत को गले लगाया था.

यह भी पढ़ें – Career Options After 12th: 12वीं के बाद क्या करें? Arts, Commerce और Science वालों के लिए ये हैं सबसे बड़े करियर ऑप्शन

संसद में पेश किए गए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 2019 से 2021 के बीच देश में 35,000 से ज्यादा छात्रों ने आत्महत्या की थी. सरकार ने संसद में बताया था कि शिक्षा संस्थानों में काउंसलिंग सेल, ग्रिवांस सेल और सहायता तंत्र बनाए गए हैं. SC/ST छात्रों के लिए अलग सेल, शिकायत समिति और संपर्क अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं.

पढ़ाई का प्रेशर?

रिपोर्ट्स की मानें तो आज छात्र सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं झेल रहा. वह उम्मीदों का बोझ, परिवार के सपनों का बोझ, समाज की तुलना और भविष्य की चिंता सब एक साथ ढो रहा है. ऐसे में जब NEET जैसी बड़ी परीक्षा रद्द होती है, तो उन्हें लगता है कि उसकी महीनों की मेहनत बेकार हो गई.

यह भी पढ़ें – सीबीएसई क्लास 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा की तारीख जारी, यहां चेक कर लें पूरा शेड्यूल

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link