Hajj Special: सोमवार 25 मई को दुनियाभर से आए लाखों हज यात्रियों ने सालाना हज यात्रा शुरू करने के लिए तंबुओं के शहर मीना के लिए अपनी यात्रा शुरू की. इस सालाना तीर्थयात्रा में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर से 15 लाख से अधिक तीर्थयात्री आए हुए हैं.
रविवार शाम को बड़ी संख्या में तीर्थयात्री टेंट सिटी मीना की ओर चल पड़े, क्योंकि सोमवार दोपहर से जरूरी ठहराव और खास नमाज पढ़ने की गिनती शुरू हो गई. चांद की 8 जिल्हिज्जा को तरबियाह के दिन के तौर पर जाने जाने वाले इस मौके पर सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देशों से करीब 5 लाख घरेलू तीर्थयात्री भी शामिल हो रहे हैं. इस तरह कुल संख्या 20 लाख के करीब पहुंच जाएगी.
पवित्र तीर्थयात्रा के जरूरी रीति-रिवाज पूरे करने के लिए आज मंगलवार 26 मई को ये सभी हज यात्री अराफ़ात और मुजदलिफा की ओर कूच करेंगे. जहां कल मंगलवार को अराफ़ात के मैदान में मुख्य हज होगा. हज यात्री मीना में ठहरे हुए हैं और सभी तीर्थयात्री तालिबाह पढ़ रहे हैं. (लब्बैक, अल्लाहुम्मा लब्बैक! लब्बैक, ला शरीका लका लब्बैक! इन्नल-हमदा वन-नि’मता लका वल-मुल्क, ला शरीका लक)
जिसका हिंदी में अर्थ होता है- “मैं हाज़िर हूं, ऐ अल्लाह मैं हाज़िर हूं, मैं हाज़िर हूं, तेरा कोई साझी नहीं, मैं हाज़िर हूं. बेशक, तमाम तारीफें और नेमतें तेरी ही हैं, और बादशाहत भी. तेरा कोई शरीक (साझी) नहीं.
पैगंबर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद साहब की परंपराओं का पालन करते हुए, तीर्थयात्री यह पक्का करते हैं कि तीर्थयात्रा के रीति-रिवाज पैगंबर द्वारा उनके जीवनकाल में तय किए गए निर्देशों के अनुसार सख्ती से पूरे किए जाएं. हजारों सुरक्षाकर्मी और वॉलंटियर, खास यूनिफॉर्म पहने और गैजेट्स से लैस होकर, तीर्थयात्रियों की सेवा में जुटे हुए हैं. मक्का में आज तापमान 45 डिग्री सेंटीग्रेट है. सभी तीर्थयात्रीयों को सऊदी अरब सरकार ने हाईटेक नुसुक कार्ड जारी किए हैं जिस पर हज यात्री की फ़ोटो और जानकारी के साथ बार कोड लगा है, जो उनके कोऑर्डिनेट्स को सेव करता है.
भारत से आए हज यात्रियों की सहायता के लिए भारतीय हज सिमिति ने भी अपने हजारों कर्मचारियों को हज इंस्पेक्टर (हज सेवादार) बना कर हज यात्रियों की सुविधा के लिए यहां भेजा हुआ है जो भारतीय हज यात्रियों की देखभाल में जुटे हुए हैं. सऊदी अरब सरकार के हज और उमराह मंत्रालय ने मीना में रहने की जगह केटरिंग, परिवहन सर्विस की प्रक्रिया और भीड़ प्रबंधन को संयुक्त संचालन केंद्र, निगरानी और नियंत्रण केंद्र और अनुपालन केंद्र के संचालन के साथ जोड़ दिया गया है.
दुनियाभर से आए लाखों हज यात्री आज सुबह सवेरे से ही मीना में ठहरे हुए हैं और इबादत में व्यस्त हैं. ये सभी आज दिन भर और रात भर यहां रुक कर इबादत करेंगे और मंगलवार की सुबह सवेरे यहां से अराफ़ात को कूच करें. हज यात्रियों के आने जाने के लिए मेट्रो ट्रेन और बसों का प्रबंध किया गया है. जो यात्री पैदल जाना चाहेंगे उनके लिए पैदल आने जाने के रास्ते अलग बनाये गए हैं.
मुख्य रूप से पांच दिन चलने वाली इस तीर्थ यात्रा में हाजियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. इस दौरान पुरुष यात्री सिर्फ सफेद कपड़े की दो बिना सिली हुई चादरें ही इस्तेमाल करते हैं जिन्हें एहराम कहा जाता है कोई सिला हुआ कपड़ा नहीं पहना जाता है. पुरुषों को हज के दौरान अपना सिर और चेहरा ढकना मना है जबकि महिलाएं सामान्य सिले हुए कपड़ो का इस्तेमाल करती हैं. इस दौरान तीर्थ यात्री अपना अधिकतम समय इबादत में व्यतीत करते हैं.
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