ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की दिल्ली में सोमवार को पीएम मोदी और मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हुई बैठकों के बाद कई तरह की सियासी अटकलें लगाई जा रही है. ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं.
ओडिशा में सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर मंत्रिमंडल में छह खाली पदों को भरने की अटकलों को उस समय बल मिला, जब सीनियर मंत्री सुरेश पुजारी और पृथ्वीराज हरिचंदन ने संकेत दिया कि मंत्रिमंडल में खाली पद को भरने और निगम अथवा बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां की प्रक्रिया अंदरखाने चल रही है.
इससे पहले 12 जून 2024 को दो उपमुख्यमंत्रियों समेत 15 अन्य मंत्रियों के साथ सीएम पद की शपथ ली थी. तब से छह पद खाली पड़े हैं. नियम की मानें तो राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या राज्य के विधायकों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत के भीतर होनी चाहिए. ओडिशा में विधायकों की संख्या 147 है. मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 22 के भीतर होनी चाहिए.
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मंत्रिमंडल में 6 और सदस्यों को किया जा सकता है शामिल
माझी अपनी मंत्रिमंडल में छह और सदस्यों को शामिल कर सकते हैं. माझी 12 जून को सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि यह विस्तार किसी भी क्षण हो सकता है. निगमों और बोर्ड में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
पार्टी और सरकार ने चयन प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है. इसे बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, हरिचंदन ने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना को खारिज न करते हुए कहा कि मंत्रालय का विस्तार या फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. यदि वह खाली पदों को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री किसी भी समय कर सकते हैं. इसका सरकार की दूसरी वर्षगांठ से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं माझी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात के बाद कहा है कि नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी से मुलाकात की. हमने संगठनात्मक मामलों और ओडिशा के समग्र विकास पर चर्चा की.






