चीनी के दाम घटेंगे? सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ाया ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट

चीनी के दाम घटेंगे? सरकार ने 31 दिसंबर तक बढ़ाया ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समय-सीमा बढ़ाई गई.
  • घरेलू कीमतें नियंत्रित होने से आयातकों का प्रोत्साहन घटा.
  • अवधि बढ़ने से शेष 7 लाख टन चीनी आयात की उम्मीद.

चीनी कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, बुधवार को विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के इम्पोर्ट फ्री ड्यूटी की समय-सीमा को दो महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया है. इससे पहले की समय-सीमा 31 अक्टूबर थी.

उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, घरेलू बाजार में सप्लाई की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी थी, लेकिन अब तक केवल 3 लाख टन चीनी का ही आयात किया गया है. आयात कम होने का मुख्य कारण घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम रहे हैं, जिससे कारोबारियों में आयात करने का प्रोत्साहन कम हो गया.

चीनी का क्यों कम हुआ आयात?

घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए, जिससे कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिली. हालांकि, इनसे आयातकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार से चीनी मंगाकर उसे बाजार में बेचने पर कोई बड़ा मुनाफा या मार्जिन नहीं मिल रहा है. इसी के चलते मिलें तय कोटे का पूरा इस्तेमाल करने में हिचकिचा रही हैं. ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की समयसीमा को 31 दिसंबर तक बढ़ाने से उन रिफाइनरियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार की कीमतों पर नजर है. सरकार को उम्मीद है डेडलाइन बढ़ाने से बाकी बचे 7 लाख टन चीनी का आयात पूरा हो सकेगा. इससे देश में चीनी का स्टॉक बढ़ेगा. 

क्या होता है ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट?

आमतौर पर जब कोई देश किसी दूसरे देश से सामान मंगाता है, तो सरकार  घरेलू उद्योगों की रक्षा करने और रेवेन्यू कमाने के मकसद से उस पर टैक्स लगाती है. ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट में इसी टैक्स को जीरो कर दिया जाता है.  

ये भी पढ़ें:

DA हाइक पर कल भी नहीं आया फैसला, क्या दीवाली में एरियर संग बढ़कर आएगी सैलरी?



Source link