भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अपनी बेहतरीन फिटनेस के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. विराट कोहली से लेकर जसप्रीत बुमराह तक, हर खिलाड़ी को फिट रखने के पीछे टीम के फिटनेस कोच का हाथ होता है. बहुत से युवाओं का सपना होता है कि वे भारतीय क्रिकेट टीम और BCCI के साथ जुड़कर बतौर फिटनेस कोच अपना करियर बनाएं.
यदि आप भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं तो इसके लिए एक खास तरह की पढ़ाई, डिग्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्टिफिकेट्स की जरूरत होती है. आइए जानते हैं कि टीम इंडिया का फिटनेस कोच बनने की पूरी प्रक्रिया क्या है.
स्पोर्ट्स साइंस या व्यायाम विज्ञान में लें डिग्री
टीम इंडिया का फिटनेस कोच बनने के लिए सिर्फ जिम का अनुभव होना काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि का होना अनिवार्य है. BCCI के नियमों के अनुसार, इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्पोर्ट्स साइंस, एक्सरसाइज फिजियोलॉजी या फिजिकल एजुकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. यदि आपके पास इसी विषय में मास्टर डिग्री है, तो आपको चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है.
इन अंतरराष्ट्रीय फिटनेस सर्टिफिकेशन्स की होती है मांग
डिग्री पूरी करने के बाद आपको कुछ बेहद प्रतिष्ठित और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त फिटनेस सर्टिफिकेट्स हासिल करने होते हैं. BCCI के मुताबिक, उम्मीदवारों के पास नेशनल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एसोसिएशन NSCA से प्रमाणित सर्टिफाइड स्ट्रेंथ एंड Conditioning स्पेशलिस्ट का सर्टिफिकेट होना चाहिए.
इसके अलावा, ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एसोसिएशन का लेवल-1 या लेवल-2 सर्टिफिकेट भी इस क्षेत्र में बेहद खास माना जाता है. इसके साथ ही, कोच के पास बेसिक लाइफ सपोर्ट और प्राथमिक चिकित्सा का वैध सर्टिफिकेट होना भी जरूरी है ताकि मैदान पर किसी आपातकालीन स्थिति को संभाला जा सके.
अनुभव और खेल की समझ है जरूरी
क्वालिफिकेशन के साथ-साथ इस हाई-प्रोफाइल जॉब के लिए व्यावहारिक अनुभव सबसे ज्यादा मायने रखता है. BCCI के नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ने के लिए कम से कम 7 से 10 साल का अनुभव होना जरूरी है, जिसमें से अधिकांश समय किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट या एलीट क्रिकेटर्स को ट्रेनिंग देने में बीता हो. इसके अलावा, उम्मीदवार को क्रिकेट के खेल की गहरी समझ होनी चाहिए, जैसे कि एक तेज गेंदबाज, स्पिनर या बल्लेबाज के शरीर की जरूरतें एक-दूसरे से कैसे अलग होती हैं और उनके लिए किस तरह का वर्कलोड मैनेजमेंट शेड्यूल तैयार किया जाना चाहिए.
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घरेलू क्रिकेट से होती है शुरुआत
कोई भी व्यक्ति सीधे सीनियर टीम इंडिया का कोच नहीं बन सकता. इसके लिए एक तय सिस्टम से गुजरना पड़ता है. सबसे पहले आपको रणजी ट्रॉफी की टीमों, IPL फ्रेंचाइजी, नेशनल क्रिकेट एकेडमी या BCCI के बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग स्टाफ के रूप में काम शुरू करना होता है. यहां जूनियर खिलाड़ियों, इंडिया-ए टीम या महिला क्रिकेट टीम के साथ काम करके जब आप बेहतरीन परिणाम दिखाते हैं, तब जाकर सीनियर पुरुष टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में शामिल होने का रास्ता साफ होता है. इन पदों के लिए समय-समय पर BCCI की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन मांगे जाते हैं, जहां योग्य उम्मीदवार अपनी पूरी प्रोफाइल जमा कर सकते हैं.
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