- त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ठगी से बैंक खाते खाली हो रहे हैं।
- फर्जी वेबसाइट, ऑफर लिंक और कैशबेक कॉल से सावधान रहें।
- डिलीवरी OTP या कस्टमर केयर के नाम पर धोखाधड़ी से बचें।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार से लेकर Online शॉपिंग Apps तक हर जगह बंपर सेल और भारी डिस्काउंट मिलता है. नया फोन खरीदना हो, घर के लिए नया TV लेना हो और चाहे कपड़ों की शॉपिंग करनी हो हर कोई इसी ताक में रहता है कि कहीं से सबसे सस्ता सामान मिल जाए. लेकिन सस्ते के लालच का फायदा उठाने के लिए Cyber ठग भी पूरी तरह तैयार हो चुके हैं.
आजकल WhatsApp, Instagram और SMS पर ऐसे-ऐसे Offers के लिंक भेजे जा रहे हैं. जिन्हें देखकर कोई भी एक बार को ललचा जाए. 50 हजार का फोन महज 5 हजार में और ब्रांडेड सामान पर 90 फीसदी तक की छूट का दावा करने वाले यह मैसेज फ्राॅड करने का जरिया होते हैं. इनसे मिनटों में बैंक अकाउंट खाली हो सकता है. जानें कैसे रह सकते हैं सेफ.
फर्जी शॉपिंग वेबसाइट के जरिए ठगी
फेस्टिव सीजन में ठग सबसे ज्यादा इस्तेमाल फर्जी वेबसाइट्स का करते हैं. जो दिखने में बिल्कुल Amazon, Flipkart और Myntra जैसी बड़ी कंपनियों की Official साइट जैसी लगती हैं. ठग इन नकली वेबसाइट्स का प्रचार Facebook और Instagram पर Sponsered विज्ञापनों के जरिए करते हैं. जहां ब्रांडेड जूते, स्मार्टवॉच और महंगे गैजेट्स बहुत सस्ते दिखाए जाते हैं. जब आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं. तो वेबसाइट का डिजाइन और लोगो देखकर शक ही नहीं होता कि यह नकली है.
आपको बता दें इन फर्जी साइट्स पर Cash On Delivery का बटन जानबूझकर बंद रखा जाता है और Extra Discount का झांसा देकर आपसे पहले Online पेमेंट करवाई जाती है. इससे बचने रास्ता यही है कि किसी भी अनजान लिंक से शॉपिंग करने के बजाय हमेशा कंपनी के असली App का इस्तेमाल करें. वेबसाइट के URL की स्पेलिंग ध्यान से चेक करें और जहां सिर्फ पहले पेमेंट करवा रहे हों वहां से खरीददारी न करें.
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इन तरीकों से ठगी
इन दिनों WhatsApp ग्रुप्स में ठग तरह-तरह के ऑफर वाले मैसेज भेज रहे हैं. अगर आपके पास मैसेज आता है कि किसी बड़ी कंपनी की तरफ से आपको फ्री गिफ्ट और हजारों का शॉपिंग वाउचर मिला है. जिसे क्लेम करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें. जैसे ही आप उस लिंक को खोलते हैं वहां आपसे नाम, मोबाइल नंबर और Banking Details भरने को कहा जाता है.
या फिर कोई अनजान APK फाइल आपके फोन में चुपके से डाउनलोड हो जाती है. यह फाइल आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स के हाथ में दे देती है. जिससे वे आपके OTP तक पढ़ लेते हैं. इसके अलावा कई बार ठग फोन करके कहते हैं कि आपका कैशबैक आया है. जिसे पाने के लिए UPI ऐप में जाकर पिन डालें. हमेशा याद रखें कि पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी UPI पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ती है, पिन सिर्फ पैसे कटने के लिए होता है.
डिलीवरी बॉय बनकर OTP मांगना
त्योहारों के टाइम पर हम सब एक साथ कई सारे ऑर्डर कर देते हैं और कई बार तो यह भी याद नहीं रहता कि कौन सा पार्सल कब आने वाला है. ठग इसी कन्फ्यूजन का फायदा उठाकर नकली डिलीवरी एजेंट बनकर कॉल करते हैं. वे आपसे कहते हैं कि आपका पार्सल दरवाजे पर है, लेकिन एड्रेस कन्फर्म करने या डिलीवरी कैंसिल करने के लिए आपके नंबर पर एक ओटीपी भेजा गया है. जैसे ही आप वह कोड बताते हैं, आपके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से तगड़ी रकम उड़ जाती है.

फर्जी कस्टमर केयर का खेल
वहीं दूसरी तरफ जब किसी का ऑर्डर लेट होता है या रिफंड अटकता है, तो लोग गूगल पर जाकर शॉपिंग ऐप का कस्टमर केयर नंबर ढूंढते हैं. स्कैमर्स गूगल पर अपने फर्जी नंबर लिस्ट कर देते हैं और जब आप कॉल करते हैं, तो वे रिफंड दिलाने के बहाने फोन में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर सारा पैसा साफ कर देते हैं. इसलिए शिकायत के लिए हमेशा शॉपिंग ऐप के अंदर मौजूद हेल्प सेक्शन का ही सहारा लें.
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