केंद्र सरकार के अंतर्गल काम करने वाले कर्मचारियों को इसकी सिफारिशों का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है. इसी बीच आज यानी 3 नवंबर 2026 को 8th Pay Commission के गठन को पूरा एक साल हो चुका है. इस दौरान आयोग ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों को समझने के लिए कई कदम उठाए हैं. हालांकि, अभी तक नई सैलरी, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है.
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. लेकिन कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी कब मिलेगी और एरियर का भुगतान कैसे होगा, ये सवाल अभी जस का तस बना हुआ है.
कब हुआ 8वें वेतन आयोग का गठन?
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था. इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग में प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं. आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इसके अनुसार, रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा 3 मई 2027 है. आयोग का काम केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है.
फिटमेंट फैक्टर और मिनिमम सैलरी पर फैसले का इंतजार
कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाएगा. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. इससे मिनिमम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हुई थी.
अब कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है. नेशनल काउंसिल-JCM के कर्मचारी पक्ष ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये मिनिमम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव दिया है. हालांकि ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं. सरकार ने अभी किसी फिटमेंट फैक्टर या नई मिनिमम सैलरी को मंजूरी नहीं दी है.
पेंशन में भी होगा बदलाव?
8वें वेतन आयोग के दायरे में पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं. ऐसे में मौजूदा पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशन पाने वालों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. लेकिन अभी ये तय नहीं हुआ है कि पेंशन कितनी बढ़ेगी और इसकी गणना किस तरीके से होगी. आखिरी फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.
कब से मिलेगा एरियर?
8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा रहा है. इसका मतलब है कि यदि सरकार सिफारिशों को इस तारीख से लागू करती है, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बीच की अवधि का एरियर मिल सकता है. ऐसे में सरकार के द्वारा लम्पसम एरियर कर्मचारियों के खातों में भेजा जाएगा. हालांकि 1 जनवरी 2026 अभी अंतिम रूप से घोषित भुगतान तारीख नहीं है. एरियर मिलेगा या नहीं, कितनी राशि मिलेगी और भुगतान कब होगा, ये सरकार के आखिरी आदेश पर निर्भर करेगा.
कब तक आएगी रिपोर्ट?
बता दें कि आयोग फिलहाल कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है. रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है. इसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी और मंजूरी मिलने पर नई सैलरी, पेंशन और एरियर के भुगतान के लिए आदेश जारी करेगी.
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