स्मार्ट बल्ब की सबसे बड़ी कमी इसकी कीमत है. स्मार्ट बल्ब की शुरुआती कीमत 1000 रुपये तक हो सकती है, जबकि सामान्य LED बल्ब लगभग 200 से 300 रुपये में मिल सकता है. ऐसे में एक ही काम के लिए स्मार्ट बल्ब खरीदने पर कई गुना ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.

स्मार्ट बल्ब वाई-फाई और ऐप से जुड़े रहते हैं. ऐसे में इनमें साइबर हमले का खतरा भी हो सकता है. एक रिसर्च में कुछ स्मार्ट बल्ब की सुरक्षा से जुड़ी खामियां सामने आई थीं. इनके जरिए हैकर्स घरेलू नेटवर्क के डेटा तक पहुंच सकते हैं.

कई बार स्मार्ट बल्ब को दोबारा सेटअप करने के लिए स्विच को बार-बार ऑन-ऑफ करना पड़ता है. इसके अलावा ऐप का सपोर्ट बंद होने पर इसके स्मार्ट फीचर्स भी काम करना बंद कर सकते हैं.

कुछ स्मार्ट बल्ब सिर्फ Alexa, Google Home या Siri जैसे सिस्टम के साथ काम करते हैं. ऐसे में अलग-अलग कंपनियों के डिवाइस एक साथ यूज करना मुश्किल हो सकता है. बाद में इकोसिस्टम बदलने पर नए बल्ब खरीदने की जरूरत भी पड़ सकती है.

स्मार्ट बल्ब वायरलेस कमांड का इंतजार करने के लिए लगातार बिजली से जुड़े रहते हैं. अगर कोई दीवार का स्विच बंद कर दे, तो मोबाइल ऐप से इन्हें कंट्रोल नहीं किया जा सकता है. बिजली जाने के बाद कुछ मॉडल में दोबारा सेटअप की जरूरत भी पड़ सकती है.

सामान्य बल्ब का काम रोशनी देना है और वह बिना ऐप, इंटरनेट या अकाउंट के यह काम करता है. इसके मुकाबले स्मार्ट बल्ब में कई अतिरिक्त चीजें जुड़ जाती हैं, जिनके काम न करने पर परेशानी हो सकती है. ऐसे में अगर आपको सिर्फ कमरे में रोशनी चाहिए, तो सामान्य LED बल्ब कम खर्च और आसान यूज वाला ऑप्शन हो सकता है.
Published at : 07 Nov 2026 05:04 PM (IST)






