EV की रेंज कम करते हैं चार्जिंग के ये तरीके, न करें ये गलतियां

EV की रेंज कम करते हैं चार्जिंग के ये तरीके, न करें ये गलतियां


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  • बार-बार फास्ट चार्जर उपयोग से बैटरी गर्म होकर खराब होती है।
  • बैटरी को 20-80% के बीच चार्ज करना सबसे बेहतर है।
  • गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करने से उसकी आयु घटती है।
  • धूप में या लोकल चार्जर से चार्जिंग बैटरी को बिगाड़ती है।

आज के समय में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान होकर लोग तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों यानी EV की तरफ रुख कर रहे हैं. सड़कों पर अब इलेक्ट्रिक स्कूटर से लेकर इलेक्ट्रिक कारें तक खूब नजर आने लगी हैं. लेकिन नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने के कुछ महीनों बाद ही कई लोगों की यह शिकायत शुरू हो जाती है कि उनकी गाड़ी अब पहले जितनी रेंज नहीं दे रही है. 

अक्सर लोग इसके लिए गाड़ी की कंपनी को दोष देते हैं. जबकि वजह कई बार चार्जिंग की गलत आदतें होती हैं. अनजाने में की गई यह गलतियां बैटरी की हेल्थ बिगाड़ देती हैं और गाड़ी की रेंज धीरे-धीरे घटने लगती है. जान लें किन गलतियों से होता है ऐसा. 

बार-बार फास्ट चार्जर का इस्तेमाल 

इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाने वाले ज्यादातर लोग समय बचाने के चक्कर में हमेशा पब्लिक डीसी फास्ट चार्जर का ही इस्तेमाल करने लगते हैं. फास्ट चार्जर आपकी गाड़ी को एक घंटे से भी कम समय में चार्ज तो कर देता है. लेकिन इसका रोज-रोज इस्तेमाल करना बैटरी के लिए अच्छा नहीं है. फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी में बहुत तेज करंट जाता है. जिससे उसके अंदर काफी ज्यादा गर्मी पैदा होती है. यह गर्मी लिथियम-आयन सेल्स को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है. 

बैटरी को पूरा 100% तक चार्ज करना

इसके अलावा लोगों की एक और आम आदत होती है कि वे हर बार बैटरी को पूरा 100 प्रतिशत तक चार्ज करते हैं और जब तक बैटरी 0 प्रतिशत पर आकर बंद न हो जाए. तब तक उसे दोबारा चार्ज नहीं लगाते. ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक EV की बैटरी की लंबी उम्र के लिए 20 से 80 प्रतिशत का नियम सबसे बढ़िया माना जाता है. यानी बैटरी 20 प्रतिशत के करीब आते ही चार्ज लगा दें और 80 प्रतिशत होते ही प्लग निकाल लें.

गर्म बैटरी को तुरंत चार्जिंग पर लगा देना

अक्सर लोग जब कहीं बाहर से लंबी ड्राइव करके घर लौटते हैं. तो गाड़ी खड़ी करते ही तुरंत उसे चार्जिंग सॉकेट से जोड़ देते हैं. यह छोटी सी दिखने वाली गलती आपकी गाड़ी की बैटरी लाइफ को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. दरअसल जब आपकी इलेक्ट्रिक कार लगातार कई किलोमीटर तक चलकर आता है. तो उसकी बैटरी और मोटर अंदर से काफी गर्म हो चुकी होती हैं. ऐसे में अगर आप गर्म बैटरी में ही तुरंत चार्जर लगा देंगे.

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तो उसका तापमान और ज्यादा बढ़ जाता है. इससे बैटरी के अंदर के केमिकल रिएक्शन पर बुरा असर पड़ता है और उसकी चार्ज होल्ड करने की क्षमता घटने लगती है. सही तरीका यही है कि कहीं से आने के बाद गाड़ी को कम से कम 30 से 45 मिनट तक छांव में खड़ा रहने दें. जब बैटरी का तापमान नॉर्मल हो जाए तभी उसे चार्जिंग पर लगाएं. इसी तरह चार्जिंग पूरी होने के तुरंत बाद भी गाड़ी लेकर न निकलें बल्कि कुछ देर का गैप जरूर दें.

तेज धूप में चार्जिंग 

भारत में गर्मी के मौसम में तापमान काफी ऊपर चला जाता है. ऐसे में अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ी को सीधी धूप में खड़ा करके चार्ज करना उसकी रेंज को सीधा नुकसान पहुंचाता है. लिथियम-आयन बैटरियां ज्यादा तापमान के प्रति बेहद संवेदनशील होती हैं. तेज धूप में चार्जिंग करने से थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम पर दोगुना दबाव पड़ता है जिससे चार्जिंग भी धीमी होती है और बैटरी की उम्र भी कम होती है. इसलिए हमेशा कोशिश करें कि गाड़ी को किसी शेड या रात के ठंडे मौसम में ही चार्ज करें. 

एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल

इसके अलावा कई लोग घर में चार्जर की केबल छोटी पड़ने पर किसी सस्ते लोकल एक्सटेंशन बोर्ड का सहारा ले लेते हैं. और कई बार ओरिजिनल चार्जर खराब होने पर बाजार से सस्ता एडाप्टर खरीद लेते हैं. लोकल चार्जर सही वोल्टेज सप्लाई नहीं दे पाते जिससे न सिर्फ बैटरी के सेल्स खराब होते हैं. बल्कि शॉर्ट सर्किट होने का खतरा भी बना रहता है. हमेशा कंपनी के दिए गए ओरिजिनल चार्जर और डेडिकेटेड पावर सॉकेट का ही इस्तेमाल करें.

EV की रेंज कम करते हैं चार्जिंग के ये तरीके, न करें ये गलतियां

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