PNB Scam: 6 अफसरों की ID चुराकर फ्रॉड, कुर्सी खाली देखते ही बैठ जाती थी

PNB Scam: 6 अफसरों की ID चुराकर फ्रॉड, कुर्सी खाली देखते ही बैठ जाती थी



<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक ब्रांच में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. बैंक की सेक्टर पाई-1 ब्रांच में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी पर आरोप है कि उसने 6 बैंक अधिकारियों की लॉगिन ID का इस्तेमाल करके ग्राहकों के खातों से पैसे ट्रांसफर किए.</p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले में हाल ही में CCTV फुटेज भी सामने आया है. इसमें महिला कर्मचारी दूसरे अधिकारियों की खाली कुर्सियों पर बैठकर उनके कंप्यूटर चलाती दिखाई दी. मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी</strong><br />न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक बैंक की शुरुआती जांच में ग्राहकों के खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का पता चला है. हालांकि, कुछ ग्राहकों का दावा है कि उनके सेविंग अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से करीब 35 करोड़ रुपये गायब हैं. बताया जा रहा है कि इनमें कई किसान भी शामिल हैं. इन किसानों ने <a title="नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट" href="https://www.abplive.com/topic/noida-international-airport" data-type="interlinkingkeywords">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट</a> के लिए जमीन के बदले मिले मुआवजे की रकम बैंक में जमा की थी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सीसीटीवी फुटेज में क्या आया सामने?</strong><br />बैंक की शिकायत के मुताबिक, महिला कर्मचारी दीपांशी शर्मा ने 6 अधिकारियों की लॉगिन ID का गलत इस्तेमाल किया. इनमें ब्रांच मैनेजर निशा तिर्की, सीनियर कस्टमर सर्विस एसोसिएट संदीप प्रकाश शर्मा और अन्य कर्मचारी शामिल हैं. बैंक ने करीब एक महीने की CCTV फुटेज की जांच की. इसमें कथित तौर पर देखा गया कि जब कोई अधिकारी अपनी सीट से उठकर जाता था, तो दीपांशी उसकी कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर चलाने लगती थी. वो कुछ ही सेकंड में कंप्यूटर पर काम करके वहां से चली जाती थी. बैंक को शक है कि इसी तरीके से ग्राहकों के खातों की जानकारी बदली गई और बिना अनुमति पैसे ट्रांसफर किए गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>FD में भी छोड़छाड़</strong><br />मामला सिर्फ सेविंग अकाउंट से पैसे निकालने तक सीमित नहीं था. बैंक की शिकायत के अनुसार, कई ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में भी बदलाव किए गए. आरोप है कि कुछ FD में अशुतोष पाठक और अन्य लोगों को जॉइंट होल्डर बनाया गया. इसके अलावा FD से पैसा मिलने वाले बैंक खातों की जानकारी बदली गई और कुछ FD को समय से पहले ही बंद कर दिया गया. पैसों के ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों को भी कथित तौर पर नष्ट कर दिया गया, ताकि गड़बड़ी का पता न चल सके.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे सामने आया पूरा मामला?</strong><br />इस मामले का खुलासा 16 सितंबर को हुआ. बैंक की एक ग्राहक संगीता अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने पहुंची थीं. पासबुक में एंट्री कराने के दौरान उन्हें तीन ऐसे ट्रांजैक्शन दिखाई दिए, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी. उन्होंने बैंक से इस बारे में शिकायत की.</p>
<p style="text-align: justify;">आरोप है कि बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी शर्मा ने पहले इन ट्रांजैक्शन को सही बताया. उसने कहा कि संगीता ने अपने पति से फोन पर बात करके प्रॉपर्टी में निवेश के लिए अशुतोष पाठक नाम के व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर किए थे. लेकिन जब बैंक अधिकारियों ने इन ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो उनके वाउचर नहीं मिले. इसके बाद बैंक ने मामले की गहराई से जांच शुरू की.</p>
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