Wi-Fi ऑन छोड़कर घर से निकलते हैं? जानें प्राइवेसी पर इसका असर

Wi-Fi ऑन छोड़कर घर से निकलते हैं? जानें प्राइवेसी पर इसका असर


Wi-Fi स्कैनिंग से जुड़े सिग्नल का इस्तेमाल कुछ जगहों पर लोगों की आवाजाही के पैटर्न को समझने के लिए किया जा सकता है. रिटेल स्टोर और विज्ञापन से जुड़ी कंपनियां भी डिवाइस के सिग्नल के जरिए एक्टिवीटीज पर नजर रख सकती हैं. Wi-Fi बंद करने से इस तरह की ट्रैकिंग की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही लोकेशन और डिवाइस की पहचान का जोखिम भी कम होता है.

Wi-Fi लगातार चालू रहने पर फोन आसपास के नेटवर्क ढूंढता है. इससे बैटरी की खपत बढ़ सकती है. जरूरत न होने पर इसे बंद रखने से बैटरी बचाने में मदद मिल सकती है.

Wi-Fi लगातार चालू रहने पर फोन आसपास के नेटवर्क ढूंढता है. इससे बैटरी की खपत बढ़ सकती है. जरूरत न होने पर इसे बंद रखने से बैटरी बचाने में मदद मिल सकती है.

मोबाइल में Wi-Fi चालू रहने पर वह आसपास उपलब्ध नेटवर्क ढूंढ सकता है. अगर ऑटो-कनेक्ट की सुविधा भी एक्टिव है, तो फोन किसी पहले से सेव नेटवर्क से अपने आप जुड़ सकता है. साइबर अपराधी इसका फायदा उठाकर ऐसे हॉटस्पॉट बना सकते हैं, जिनका नाम किसी होटल, एयरपोर्ट या दूसरी जानी-पहचानी जगह के नेटवर्क जैसा हो. यूजर गलती से ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है.

मोबाइल में Wi-Fi चालू रहने पर वह आसपास उपलब्ध नेटवर्क ढूंढ सकता है. अगर ऑटो-कनेक्ट की सुविधा भी एक्टिव है, तो फोन किसी पहले से सेव नेटवर्क से अपने आप जुड़ सकता है. साइबर अपराधी इसका फायदा उठाकर ऐसे हॉटस्पॉट बना सकते हैं, जिनका नाम किसी होटल, एयरपोर्ट या दूसरी जानी-पहचानी जगह के नेटवर्क जैसा हो. यूजर गलती से ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है.

कुछ साइबर अपराधी नेटवर्क पर होने वाली एक्टिवीटीज पर नजर रखने के लिए खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. इस तरीके से वे वेब पेजों, तस्वीरों और डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए किसी अनजान नेटवर्क से जुड़ने से पहले उसकी विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है.

कुछ साइबर अपराधी नेटवर्क पर होने वाली एक्टिवीटीज पर नजर रखने के लिए खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. इस तरीके से वे वेब पेजों, तस्वीरों और डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकते हैं. इसलिए किसी अनजान नेटवर्क से जुड़ने से पहले उसकी विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है.

कम सुरक्षित पब्लिक Wi-Fi पर डेटा की निगरानी या उसे बीच में रोकने का खतरा रहता है. साइबर अपराधी मैन-इन-द-मिडल नाम के हमले में यूजर और इंटरनेट के बीच अपनी मौजूदगी बना सकते हैं. इससे उनके लिए भेजी जा रही जानकारी को देखने या उसमें बदलाव करने का रास्ता खुल सकता है.

कम सुरक्षित पब्लिक Wi-Fi पर डेटा की निगरानी या उसे बीच में रोकने का खतरा रहता है. साइबर अपराधी मैन-इन-द-मिडल नाम के हमले में यूजर और इंटरनेट के बीच अपनी मौजूदगी बना सकते हैं. इससे उनके लिए भेजी जा रही जानकारी को देखने या उसमें बदलाव करने का रास्ता खुल सकता है.

ऐसे में घर से निकलते समय Wi-Fi बंद कर दें और अनजान नेटवर्क के लिए ऑटो-कनेक्ट का ऑप्शन इनएक्टिव रखें. पुराने या गैर-जरूरी सेव नेटवर्क हटा दें. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या दूसरे अकाउंट खोलने से बचें. जरूरत पड़ने पर मोबाइल डेटा या भरोसेमंद VPN इस्तेमाल करें और किसी हॉटस्पॉट से जुड़ने से पहले उसके नाम की जांच जरूर करें.

ऐसे में घर से निकलते समय Wi-Fi बंद कर दें और अनजान नेटवर्क के लिए ऑटो-कनेक्ट का ऑप्शन इनएक्टिव रखें. पुराने या गैर-जरूरी सेव नेटवर्क हटा दें. पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या दूसरे अकाउंट खोलने से बचें. जरूरत पड़ने पर मोबाइल डेटा या भरोसेमंद VPN इस्तेमाल करें और किसी हॉटस्पॉट से जुड़ने से पहले उसके नाम की जांच जरूर करें.

Published at : 16 Oct 2026 08:55 AM (IST)

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