विराट कोहली ने जब कहा कि एक दिन ये सब खत्म हो जाएगा तो उनका मतलब था कि भविष्य में वो दिन भी आएगा जब वह क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुके होंगे. इसलिए वह चाहते हैं कि जितना समय फील्ड पर रहे, एन्जॉय करे. कोहली ने बुधवार को खेले गए मुकाबले में KKR के खिलाफ नाबाद 105 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड मिला. RCB इस मैच को 6 विकेट से जीत गई.
विराट कोहली इस शतक से पहले 2 बार लगातार शून्य पर आउट हुए थे, ऐसा टी20 इतिहास में उनके साथ सिर्फ दूसरी बार हुआ था. उन्होंने कहा, “मैं रन नहीं बना पा रहा वाली बात मुझे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी, क्योंकि मेरे खेल में कोई कमी नहीं थी. ये बात आपको परेशान करती है. शतक बने या न बने, मैच को फिनिश करना सबसे महत्वपूर्ण होता है.”
दबाव आपको बेहतर बनाता है
जब विराट कोहली से पूछा गया कि क्या उन्हें दबाव महसूस हो रहा था? तो उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि दबाव एक सौभाग्य है तो उसके पीछे एक वजह है. दबाव आपको विनम्र बनाए रखता है और आपके खेल को बेहतर करने में मदद करता है. जब कुछ मैच आपके अनुसार न जाएं तो घबराहट तो होती ही है और यही चीज आपकी मदद भी करती है. बेशक इसमें मेहनत है लेकिन ये आपके खेल के स्तर को ऊंचा करता है.”
कोहली टी20 में सबसे ज्याद शतक लगाने वाले भारतीय बन गए हैं, इसके आलावा भी उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए. रिकॉर्ड पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “इन सब चीजों के बावजूद, मुझे बस बैटिंग करना पसंद है. यही मेरी सबसे गहरी भावना है. इस स्तर पर और आज भी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला करना मेरे लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है.”
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एक दिन ये खत्म हो जाएगा
उन्होंने आगे कहा, “मैं मैदान पर अपना सब कुछ झोंक देता क्योंकि, क्योंकि एक न एक दिन यह सब खत्म हो ही जाएगा.” यहां उनका मतलब था कि एक मैं सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुका होऊंगा. अभी कोहली टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं.
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विराट कोहली ने कहा, “मैं इस मौके का पूरा-पूरा फायदा उठाना चाहता हूं और दबाव वाली स्थितियों का बेसब्री से इंतज़ार करता हूं. जब मुझे घबराहट होती है, तो मैं खुद को चुनौती देता हूं कि बस आगे बढ़ो और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो. बतौर इंसान आप खेल से बहुत कुछ सीखते है.”






