Pig Farming Business: गांव में रहकर अपना कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि कौन सा काम करें? ऐसे में आप सुअर पालन का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. यहा आपके लिए कमाई का एक जरिया बन सकता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवा इस काम को शुरू कर सकते हैं.
सुअर पालन में बच्चों को बेचने के साथ बड़े पशुओं की बिक्री से भी आमदनी होती है. अच्छी बात यह है कि, इस कारोबार को छोटे स्तर से शुरू करके धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है. वहीं, बड़े स्तर पर फार्म लगाने के लिए सरकारी सब्सिडी का फायदा भी मिल सकता है.
कम जगह में शुरू कर सकते हैं सुअर पालन
सुअर पालन शुरू करने के लिए बहुत बड़ी जमीन होना जरूरी नहीं है. किसान कम जगह में भी सही तरीके से यह कारोबार शुरू कर सकते हैं. शुरुआत में पांच मादा और एक नर सुअर रखकर छोटा फार्म बनाया जा सकता है. हालांकि, पशुओं के रहने के लिए साफ-सुथरा शेड, पीने का पानी और चारे की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, बीमारी से बचाने के लिए नियमित देखभाल करना भी जरूरी है.
कौन सी नस्ल पालने से होगा फायदा?
सुअर पालन में अच्छी नस्ल का चुनाव करना बेहद जरूरी है. व्हाइट यॉर्कशायर नस्ल सुअर पालन के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इस नस्ल के पशुओं की बढ़वार अच्छी हो सकती है. हालांकि, पशु खरीदने से पहले उसकी सेहत, उम्र और स्थानीय बाजार में मांग की जानकारी जरूर लें. इससे आगे चलकर पशुओं को बेचने में आसानी हो सकती है.
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सात महीने में एक क्विंटल तक वजन
सुअर पालन में कमाई काफी हद तक पशुओं की बढ़वार और बच्चों की संख्या पर निर्भर करती है. अच्छी देखभाल मिलने पर एक मादा सुअर साल में कई बच्चों को जन्म दे सकती है. वहीं, सही चारा और अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर कुछ सुअर करीब सात महीने में 100 किलो तक वजन हासिल कर सकते हैं. इसके बाद किसान बाजार की मांग के हिसाब से उन्हें बेच सकते हैं.
सुअर पालन शुरू करने में कितना खर्च आएगा?
अगर किसान बड़े स्तर पर 50 मादा और पांच नर सुअरों का फार्म लगाना चाहते हैं, तो शेड बनाने, पशु खरीदने और जरूरी सामान पर करीब 30 से 40 लाख रुपये खर्च हो सकते हैं. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पात्र सुअर पालन इकाई को अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलने का प्रावधान है. हालांकि, यह मदद हर छोटे फार्म को नहीं मिलेगी. योजना की शर्तें और आवेदन की जानकारी राष्ट्रीय पशुधन मिशन के आधिकारिक पोर्टल से लें. मुरादाबाद के किसान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.
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