बहुत बड़े झटके के लिए तैयार रहे भारत… ईरान-US जंग को लेकर उदय कोटक ने दी चेतावनी

बहुत बड़े झटके के लिए तैयार रहे भारत… ईरान-US जंग को लेकर उदय कोटक ने दी चेतावनी


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  • उदय कोटक ने अमेरिका-ईरान युद्ध के भारत पर असर की चेतावनी दी.
  • कम आय वर्ग के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतें चुनौती बनेंगी.
  • भारत को विदेशी निवेश पर निर्भरता कम करनी चाहिए.
  • अर्थव्यवस्था को ‘कॉर्पोरेट बैलेंस शीट’ की तरह प्रबंधित करें.

CII Business Summit: CII Annual Business Summit 2026 में अपनी बात रखते हुए दिग्गज बैंकर और कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक  (Uday Kotak) ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग का असर अब दिखना शुरू हो सकता है इसलिए भारत को अब सबसे बुरे हालात का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

भारतीय कारोबार जगत को एक कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों ने दुनिया ने जिस राहत का अनुभव किया है, वह अब खत्म होने वाला है. ऐसे में लंबे समय से ‘कम्फर्ट जोन’ में रह रहे भारत को अब इससे बाहर निकलकर मजबूत और स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है. 

लगेगा महंगाई का करारा झटका 

उदय कोटक ने कहा कि पिछले दो महीने से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध का पूरा आर्थिक असर अभी तक भारतीय उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है. इसकी वजह पुराने स्टॉक और तेल कंपनियों द्वारा वहन किया जा रहा घाटा है. लेकिन अब एक बहुत बड़ा झटका आ रहा है. यह खासतौर पर कम और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतें और उससे होने वाली महंगाई एक बड़ी चुनौती होगी.  

पीएम मोदी की अपील का किया समर्थन

उन्होंने बताया कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहती है, तो भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर 2.5% तक जा सकता है.  कोटक ने सुझाव देते हुए कहा कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को एक ‘कॉर्पोरेट बैलेंस शीट’ की तरह मैनेज करना चाहिए, जहां अनावश्यक खपत को कम किया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही में इस लेकर की गई एक अपील का समर्थन किया.

उन्होंने कहा कि भारत को सही मायने में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए विदेशी निवेश पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और दीर्घकालिक जोखिम पूंजी का एक मजबूत घरेलू आधार बनाने को प्राथमिकता देनी चाहिए.

बतौर कोटक, सही मायने में आत्मनिर्भर राष्ट्र वह है जिसे किसी और के पैसे या ताकत पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती. 

सावधानी ही सुरक्षा

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय बिजनेस लीडर्स को Strategic Paranoia अपनाने को कहा- यानी संकट आने से पहले ही उसके लिए सबसे खराब स्थिति की तैयारी कर लेना. 

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