शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. बाजार नियामक SEBI ने सरकार से विदेशी निवेशकों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स में राहत देने की सिफारिश की है. इतना ही नहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स का प्रेशर कम करने का प्रस्ताव दिया गया है.
अगर सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है तो विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश करना थोड़ा आसान हो सकता है. इतना ही नहीं, म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को भी एक स्कीम से दूसरी स्कीम में निवेश बदलने पर राहत मिल सकती है. फिलहाल तो ये सिर्फ सिफारिशें हैं और आखिरी फैसला सरकार के हाथ में है.
LTCG टैक्स को लेकर क्या है सिफारिश?
SEBI ने सरकार से कहा है कि FPI पर लगने वाला LTCG टैक्स हटाया जा सकता है. अभी तो किसी भी निवेशक को शेयर 1 साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद बेचने पर हुए मुनाफे पर 12.5 फीसदी LTCG टैक्स देना होता है.
इस टैक्स के अलावा निवेशकों को शेयरों की खरीद- बिक्री पर STT भी देना पड़ता है. विदेशी निवेशकों के लिए डिविडेंड पर टैक्स की व्यवस्था भी है. SEBI का मानना है कि भारत में निवेश की लागत कम होने से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है.
निवेशक बाजार से क्यों निकाल रहे हैं पैसा?
अभी के समय में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से बड़ी रकम निकाल रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 31 अरब डॉलर की बिकवाली की है.
पिछले दो साल में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन भी थोड़ा कमजोर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान Nifty 50 करीब 4.8 फीसदी नीचे रहा जबकि MSCI Emerging Markets Index में करीब 40 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना है. SEBI ने विदेशी निवेशकों से बातचीत के दौरान टैक्स व्यवस्था में बदलाव की मांग सुनी थी तो बस इसी के बाद उसने सरकार को टैक्स राहत का प्रस्ताव दे दिया.
म्यूचुअल फंड निवेशकों को मिलेगा फायदा?
SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी प्रस्ताव सामने रखा है. जैसे कि अगर कोई निवेशक 1 साल से ज्यादा समय तक किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश रखने के बाद उसे बेचकर दूसरी स्कीम में पैसा लगाता है तो इस बदलाव को टैक्स के लिहाज से बिक्री न माना जाए.
अभी म्यूचुअल फंड की एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने पर इसे पहली स्कीम की यूनिट बेचना माना जाता है. अगर मुनाफा हुआ है तो टैक्स देना पड़ता है.
अभी कितना है LTCG टैक्स?
लिस्टेड इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड में 1 साल से ज्यादा समय तक निवेश रखने के बाद बेचने पर हुए मुनाफे पर 12.5 फीसदी LTCG टैक्स लगता है. इक्विटी शेयरों के मामले में एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपए तक LTCG पर छूट मिलती है.
वहीं, एक साल में शेयर बेचने पर हुए मुनाफे को STCG माना जाता है और इस पर फिलहाल 20 फीसदी टैक्स लगता है.
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