सौरव दास, आशुतोष रांका को जमानत मिलने पर अभिजीत दीपके बोले- ‘अब मेरे बिना कोई…’

सौरव दास, आशुतोष रांका को जमानत मिलने पर अभिजीत दीपके बोले- ‘अब मेरे बिना कोई…’


कॉकरोच जनता पार्टी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को SEM कोर्ट से जमानत मिलने पर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, ‘अब मेरे बिना कोई भी गार्डन में अकेले नहीं घूमेगा.’

 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘सौरव और आशु मुझसे न केवल बेहतर हैं बल्कि कहीं ज्यादा बड़े नेता हैं. मुझे आपके आदेशों का पालन करने में खुशी होगी, जान हाजिर है!’ उन्होंने मजाकिया अंदाज में आगे लिखा, लेकिन इसके बाद मेरे बिना गार्डन में कोई अकेले नहीं घूमेगा.’

इससे पहले उन्होंने एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया था. बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ का वीडियो शेयर कर उन्होंने लिखा, ‘मेरे भाई अब आजाद हैं.’

 

 

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रांका-दास की जमानत पर क्या बोलीं रत्ना सिंह?

सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने रांका और दास की जमानत को लेकर कहा, देर हुई है लेकिन आखिरकार इन लड़कों को जमानत मिल गई. मुझे लगता है कि सीजेपी के तौर पर हम पूरी तरह महसूस करते थे कि यह जरूरी था. अब जब वह इनको जमानत मिल गई है तो हम खुश हैं.

रत्ना सिंह ने आगे कहा,  ‘हम इस फैसले का स्वागत करते हैं. हमारे पास अभी आदेश की कॉपी नहीं है. हमें बताया गया था कि उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन आदेश अभी तक हमारे पास नहीं आया है, तो देखते हैं यह कब आता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हाई कोर्ट ने कुछ मौखिक टिप्पणियां कीं, लेकिन वे उनकी टिप्पणियां थीं. सौरभ दास 27 साल का है. वह पूरी तरह से जेनरेशन Z का है. आशुतोष भी जेनरेशन Z के बीच में है और हम युवाओं के मुद्दे से सहानुभूति रखते हैं. हम आखिरकार इस देश के युवा हैं, इसलिए निश्चित रूप से हम युवा हैं.’

SEM कोर्ट ने सौरव दास-रांका को रिहा करने का दिया आदेश

दिल्ली की SEM कोर्ट ने बुधवार न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया है. दोनों को  जंतर-मंतर पर 14 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के सिलसिले में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, जहां सुनवाई के दौरान उनके जमानतदारों के डॉक्यूमेट भी जमा किए गए.

21 अक्टूबर को खत्म हो रही थी हिरासत

रांका और दास को जंतर-मंतर को धरना स्थल से हटाए जाने के बाद भी वहां एंट्री करने और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. 14 अक्टूबर को उनको 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. कोर्ट ने 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी, जो बुधवार को खत्म होनी थी.

 





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