केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के करीब 10 दिन बाद आज (14 मई) को आखिरकार कांग्रेस ने केरल सीएम के नाम का ऐलान कर दिया. वीडी सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री होंगे. कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक, पर्यवेक्षक अजय माकन और केरल की प्रभारी महासचिव दीपा दास मुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नाम की घोषणा की.
इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक हाई-लेवल बैठक हुई. जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इस बैठक के बाद कांग्रेस ने मीडिया से बातचीत करते हुए वीडी सतीशन के नाम का ऐलान किया.
केरल सीएम की रेस में थे ये तीन नाम
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीतकर बहुमत हासिल किया. केरल के मुख्यमंत्री पद की रेस में वीडी सतीशन के अलावा रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल था. हालांकि, अंतिम दौर की बातचीत के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगी. 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीतकर बहुमत हासिल किया है.
वीडी सतीशन का सियासी सफर
वीडी सतीशन ने छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया. वह परवूर विधानसभा से विधायक बने हैं. इस सीट से वह 2001 से लगातर छठी बार चुनाव जीते हैं. 2021 में कांग्रेस ने उन्हें केरल विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया था. वह केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. उनकी गिनती केरल में कांग्रेस के सबसे मुखर और मजबूत विपक्षी चेहरों में होती है. उनको पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण का करीबी समर्थक माना जाता है.
नाम में देरी पर उठे सवाल
इससे पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में देरी पर जहां विरोधियों ने कांग्रेस पर तंज कसा, वहीं पार्टी में भी नाराजगी देखने को मिली. वायनाड में जिला कांग्रेस कार्यालय के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए. इन पोस्टरों में आरोप लगाया गया कि दोनों नेता केसी वेणुगोपाल को केरल का मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राज्य में उनके खिलाफ माहौल है.






