फसलों के लिए फायदेमंद है केंचुआ खाद: खेती में अच्छी पैदावार लेने के लिए किसान कई तरह की खाद का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद डालने से मिट्टी और फसल को नुकसान हो सकता है. ऐसे में केंचुआ खाद एक अच्छा विकल्प है. यह गोबर, सूखी पत्तियों और दूसरे जैविक पदार्थों से तैयार होती है, जिससे मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद मिलती है.

पौधों को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व: केंचुआ खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये पौधों की बढ़वार और जड़ों के विकास में मदद करते हैं. सही मात्रा में इसका इस्तेमाल करने से फसलों को पोषण मिलता है और उनकी बढ़वार बेहतर हो सकती है.

मिट्टी में लंबे समय तक बनी रहती है नमी: केंचुआ खाद डालने से मिट्टी भुरभुरी बनती है और उसकी पानी रोककर रखने की क्षमता बढ़ती है. इससे पौधों की जड़ों तक हवा और नमी पहुंचने में आसानी होती है. खासकर उन खेतों में इसका फायदा मिल सकता है, जहां मिट्टी जल्दी सूख जाती है. इससे मिट्टी की हालत धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है.

एक एकड़ में कितनी केंचुआ खाद डालें?: किसान एक एकड़ खेत में करीब पांच क्विंटल केंचुआ खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे खेत में अच्छी तरह फैलाकर मिट्टी में मिला देना चाहिए. हालांकि, खाद की सही मात्रा फसल और मिट्टी की जरूरत पर निर्भर करती है. इसलिए मिट्टी की जांच के आधार पर ही खाद डालना बेहतर रहेगा.

घर पर ऐसे तैयार करें केंचुआ खाद: किसान घर, खेत या बगीचे में भी केंचुआ खाद बना सकते हैं. इसके लिए छायादार जगह चुनें और वहां गोबर, सूखी पत्तियां और फसल के बचे हुए हिस्से इकट्ठा करें. इन चीजों को कुछ दिनों तक सड़ने दें. जब इनकी गर्मी कम हो जाए, तब इसमें केंचुए डाल दें. इसके बाद धीरे-धीरे यह सामग्री खाद में बदलने लगेगी.

खाद बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान: केंचुआ खाद तैयार करते समय उसमें सही मात्रा में नमी बनाए रखना जरूरी है. सामग्री सूखने लगे, तो हल्का पानी छिड़कें, लेकिन इतना पानी न डालें कि वह जमा होने लगे. खाद को तेज धूप और ज्यादा बारिश से भी बचाकर रखें. सही देखभाल करने से केंचुए अच्छी तरह काम करेंगे और किसानों को घर पर ही जैविक खाद मिल सकेगी.
Published at : 24 Oct 2026 04:26 PM (IST)
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