- eMudhra के कमजोर सर्टिफिकेट्स Google, Apple द्वारा ब्लॉक हुए।
- कंपनी ने वैश्विक SSL/TLS व्यापार हमेशा के लिए बंद किया।
- पुराने ग्राहकों को मिलेंगे मुफ्त नए सर्टिफिकेट; भारत सुरक्षित।
किसी के ऊपर भरोसा बनाने में सालों लग जाते हैं लेकिन एक छोटी सी चूक उस भरोसे को पल भर में हिला सकती है. बेंगलुरु की मशहूर टेक कंपनी eMudhra के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. सिक्योरिटी से जुड़ी एक बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद कंपनी ने अपने ग्लोबल वेबसाइट सर्टिफिकेट यानी SSL/TLS बिजनेस से हमेशा के लिए बाहर निकलने का बड़ा फैसला कर लिया है.
दरअसल कंपनी के 8 इंटरमीडिएट सिक्योरिटी सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट की बेहद कमजोर पाई गईं. जिसके बाद वेबसाइट्स की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में सवाल उठने लगे. मामला इतना गंभीर था कि Google, Apple और Mozila जैसी दिग्गज कंपनियों को तुरंत एक्शन लेते हुए इन सर्टिफिकेट्स को ब्लॉक करना पड़ा. 22 अक्टूबर को कंपनी के बोर्ड ने मीटिंग में बिजनेस बंद करने पर मुहर लगा दी. कंपनी को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा. चलिए आपको बताते हैं पूरी खबर.
इस वजह से बंद करना पड़ा कारोबार
इस पूरे बवाल की शुरुआत 17 अक्टूबर को हुई जब वेन नाम के एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने eMudhra के 8 इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स में एक बड़ी कमजोरी पकड़ ली. यह सर्टिफिकेट्स पिछले साल 30 अप्रैल 2025 को तैयार किए गए थे. कंपनी का कहना है कि उस वक्त सिस्टम ने मजबूत प्राइवेट की के साथ दो दूसरे सेट भी बनाए थे. लेकिन गलती से एक कमजोर सेट भी बन गया और वह ब्राउजर की ट्रस्ट लिस्ट में शामिल हो गया.
Google के मुताबिक इन सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट की बनाते वक्त जरूरी रैंडमनेस का ध्यान नहीं रखा गया जिससे किसी भी Hacker के लिए इन्हें क्रैक करना और रिकवर करना बेहद आसान हो गया था. सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो यह है कि करीब 18 महीने तक यह खामी सिस्टम में पड़ी रही और इस दौरान दो बार इंडिपेंडेंट ऑडिट होने के बावजूद किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी. अब कंपनी खुद जांच कर रही है कि ऑडिट में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई.
असली वेबसाइट की नकल का था खतरा
SSL/TLS सर्टिफिकेट किसी भी वेबसाइट के लिए डिजिटल पहचान पत्र की तरह काम करते हैं. इन्हीं के जरिए आपका ब्राउजर यह पहचानता है कि आप जिस वेबसाइट पर हैं वह असली है और आपके डेटा को एन्क्रिप्ट करके चोरी होने से बचाता है. अगर ऐसे सर्टिफिकेट की प्राइवेट की गलत हाथों में पड़ जाए तो Cyber अपराधी आसानी से फर्जी HTTPS सर्टिफिकेट बनाकर किसी भी असली वेबसाइट की हूबहू नकल तैयार कर सकते हैं.
बड़ी टेक कंपनियों ने तुरंत किया Block
इसी खतरे को भांपते हुए Google, Mozila और Apple ने बिना देरी किए इन सर्टिफिकेट्स को अपने ब्राउजर में ब्लॉक कर दिया. उधर eMudhra के चेयरमैन वी श्रीनिवासन ने बताया कि गड़बड़ी का पता चलते ही कंपनी ने 14 घंटे के अंदर सभी 8 प्रभावित सर्टिफिकेट्स कैंसिल कर दिए थे. चूंकि इस घटना के बाद ग्लोबल लेवल पर जांच और सख्ती काफी बढ़ गई थी, और इस बिजनेस से कंपनी की कुल ग्लोबल कमाई का सिर्फ एक फीसदी हिस्सा ही आता था. इसलिए बोर्ड ने इससे बाहर निकलना ही बेहतर समझा.

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पुराने ग्राहकों को मुफ्त मिलेंगे नए सर्टिफिकेट
कंपनी भले ही अपने emSign ब्रांड के तहत चलने वाले इस ग्लोबल वेबसाइट सर्टिफिकेट बिजनेस को बंद कर रही है. लेकिन अपने मौजूदा ग्राहकों को बीच मझधार में नहीं छोड़ेगी. eMudhra ने साफ किया है कि वह अपने पार्टनर्स के जरिए सभी प्रभावित ग्राहकों को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के बिल्कुल मुफ्त में नए सर्टिफिकेट्स दिलवाएगी. इसके अलावा जब तक पहले से जारी किए गए सर्टिफिकेट्स की वैलिडिटी खत्म नहीं हो जाती तब तक कंपनी उनका स्टेटस चेक करने और उन्हें मैनेज करने की सुविधा देती रहेगी.
भारतीय कारोबार पर नहीं पड़ेगा असर
वहीं भारतीय यूजर्स और कंपनियों के लिए राहत की बात यह है कि इस फैसले का असर कंपनी के भारतीय कामकाज पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा. भारत के IT Act के तहत लाइसेंस रखने वाली eMudhra अब तक 6 करोड़ से ज्यादा डिजिटल सर्टिफिकेट जारी कर चुकी है. कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि भारत में उसकी डिजिटल सिग्नेचर, ई-साइन और बाकी सभी एंटरप्राइज सेवाएं पहले की तरह बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी.
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