Pea Farming Tips: सोचिए, अगर एक ही फसल से आपकी जेब भी भरे और खेत की मिट्टी की ताकत भी बढ़े, तो इससे अच्छा क्या होगा? रबी सीजन में मटर की खेती किसानों को कुछ ऐसा ही फायदा दे सकती है. खास बात यह है कि, मटर की जड़ें मिट्टी को उपजाऊ बनाने में मदद करती हैं, जिससे नाइट्रोजन वाली खाद की जरूरत भी कम पड़ सकती है.
वहीं, इसकी कुछ उन्नत किस्में अच्छी पैदावार देकर किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. ऐसे में अगर आप इस बार मटर की खेती करने की सोच रहे हैं, तो जान लीजिए कौन-सी किस्में चुनें और अच्छी फसल के लिए किन बातों का ध्यान रखें.
मटर की खेती से मिट्टी को कैसे होता है फायदा?
मटर सर्दियों में उगाई जाने वाली फसल है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे नाइट्रोजन वाली खाद की जरूरत दूसरी कई फसलों के मुकाबले कम पड़ सकती है. दरअसल, मटर की जड़ों में छोटी-छोटी गांठें बनती हैं. इनमें मौजूद खास बैक्टीरिया हवा की नाइट्रोजन को पौधों के इस्तेमाल लायक बनाते हैं. इससे पौधे को पोषण मिलता है और मिट्टी की उपजाऊ ताकत बनाए रखने में भी मदद मिलती है. इसलिए कृषि विशेषज्ञ फसल चक्र में मटर जैसी दलहन फसलें शामिल करने की सलाह देते हैं.
मटर की इन किस्मों से मिल सकती है अच्छी पैदावार
- अगर किसान मटर की अच्छी पैदावार चाहते हैं, तो सही किस्म चुनना जरूरी है.
- पंजाब 89 और मीठी फली जैसी किस्में उपयोगी हो सकती हैं.
- पंजाब 89 में गहरे हरे रंग की फलियां लगती हैं.
- अनुकूल परिस्थितियों में इसकी उपज 60 क्विंटल प्रति एकड़ तक बताई जाती है.
- वहीं, मीठी फली किस्म की खासियत है कि इसकी पूरी फली खाई जा सकती है.
- हालांकि, किस्म का चुनाव अपने इलाके की जलवायु और बाजार की मांग देखकर करें.
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बुवाई से पहले बीज का उपचार जरूर करें
जिन खेतों में पहली बार मटर उगाई जा रही है, वहां बीजों को सही राइजोबियम कल्चर से उपचारित करना फायदेमंद हो सकता है. इससे जड़ों में गांठें बनने और पौधों को नाइट्रोजन मिलने में मदद मिलती है. बीज उपचार के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें. साथ ही पौधों के बीच सही दूरी रखें और जरूरत के मुताबिक सिंचाई करें.
पराली से खेत की नमी बचाने में मिलेगी मदद
मटर की खेती में खेत की नमी बनाए रखना जरूरी है. किसान धान की साफ पराली को पौधों के आसपास बिछा सकते हैं. इससे मिट्टी जल्दी सूखने से बचती है और खरपतवार भी कम उगते हैं. हालांकि, खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
कीट और बीमारियों से ऐसे बचाएं फसल
मटर की फसल में चेपा, थ्रिप्स और पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट लग सकते हैं. इसके अलावा पत्तियों पर सफेद चूर्ण जैसी बीमारी और जड़ सड़न की परेशानी भी हो सकती है. इसलिए किसान नियमित रूप से फसल की जांच करें. खेत साफ रखें और लगातार एक ही फसल उगाने से बचें. बीमारी दिखने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह से ही उपचार करें.
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