खेत में पानी निकासी का इंतजाम करें: मावठ के कारण बारिश होने पर खेत में पानी जमा हो सकता है, जिससे फसल की जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. इससे बचने के लिए खेत में छोटी नालियां बनाएं, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके.

फसल के हिसाब से तैयारी करें: मावठ का असर गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों पर अलग-अलग हो सकता है. इसलिए किसान अपनी फसल की स्थिति को देखते हुए बचाव के इंतजाम करें और खेत में जलभराव न होने दें.

सिंचाई करने से पहले मिट्टी देखें: अगर बारिश होने की संभावना है और खेत में पहले से नमी मौजूद है, तो सिंचाई करने से बचें. जरूरत से ज्यादा पानी मिलने पर फसल को नुकसान हो सकता है और खेत में लंबे समय तक नमी बनी रह सकती है.

कटी हुई फसल को ढककर रखें: खेत या खलिहान में कटी हुई फसल और खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढक दें. इससे बारिश के पानी से फसल भीगने, दाने खराब होने और उपज की क्वालिटी पर असर पड़ने का खतरा कम होगा.

सब्जियों की फसल को सहारा दें: तेज हवा और बारिश से टमाटर, मिर्च जैसी फसलों के पौधे गिर सकते हैं. ऐसे में जरूरत के अनुसार पौधों को सहारा दें और खेत में पानी जमा न होने दें, ताकि पौधों और उनकी जड़ों को नुकसान से बचाया जा सके.

मौसम का पूर्वानुमान देखकर काम करें: किसान मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखें और बारिश की संभावना होने पर खाद या कीटनाशक का छिड़काव टाल दें. साथ ही, खेत की नालियों और पानी निकलने के रास्तों को पहले ही साफ कर लें, ताकि बारिश के दौरान परेशानी न हो.
Published at : 21 Oct 2026 03:31 PM (IST)






